Last updated: August 30th, 2026 at 02:59 pm

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े नेता और महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका शव रविवार को दुबग्गा थाना क्षेत्र की एक नहर से बरामद हुआ। धीरेंद्र प्रताप शनिवार से लापता थे और उनके परिवार ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच में पुलिस को जमीन विवाद से जुड़े एंगल की आशंका है। उनके ड्राइवर की भूमिका भी जांच के घेरे में है।
जानकारी के मुताबिक धीरेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से लखनऊ में रह रहे थे। वह सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में रहते थे। शनिवार को वह अपनी फॉर्च्यूनर कार से घर से निकले थे, जिसके बाद वापस नहीं लौटे। देर रात तक जब परिवार से उनका संपर्क नहीं हुआ और मोबाइल फोन भी बंद मिला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद उनकी तलाश शुरू की। जांच के लिए कई टीमें लगाई गईं और उनके मोबाइल फोन, वाहन तथा आसपास के CCTV कैमरों से जुड़े सुराग खंगाले गए। इसी दौरान रविवार को दुबग्गा इलाके में नहर के पास उनका शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और जांच शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार धीरेंद्र प्रताप सिंह के शरीर पर गोली लगने के निशान मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि उनकी हत्या उनकी फॉर्च्यूनर कार में ही की गई और बाद में शव को नहर में फेंक दिया गया। हालांकि हत्या की पूरी परिस्थितियों और वारदात के क्रम की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
पुलिस जांच में जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि पुलिस अभी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम तौर पर हत्या का कारण घोषित नहीं किया गया है।
मामले में धीरेंद्र प्रताप सिंह के ड्राइवर की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शनिवार को धीरेंद्र घर से निकलने के बाद कहां-कहां गए और उनके साथ कौन लोग संपर्क में थे।
पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। यदि हत्या में एक से अधिक लोग शामिल पाए जाते हैं तो पुलिस उनके बीच संपर्क और संभावित साजिश की भी जांच करेगी।
धीरेंद्र प्रताप सिंह खुद को भाजपा नेता भी बताते थे और हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि उन्नाव भाजपा जिलाध्यक्ष के अनुसार धीरेंद्र का पार्टी में कोई आधिकारिक पद नहीं था। रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें दो गनर भी मिले हुए थे और वह कई बार सुरक्षा कर्मियों के साथ चलते थे। लेकिन जिस दिन वह घर से निकले, उस समय उन्होंने गनर साथ नहीं लिए थे।
धीरेंद्र सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए थे और महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट का संचालन करते थे। इसके अलावा वह प्रॉपर्टी से जुड़े कारोबार में भी सक्रिय बताए गए हैं। इसी कारण पुलिस उनकी सामाजिक, राजनीतिक और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। नहर से शव बरामद होने की सूचना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया और फोरेंसिक टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हत्या के पीछे वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान करना है। यदि जमीन विवाद हत्या का कारण साबित होता है तो जांच में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, आर्थिक लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
परिवार की ओर से भी ड्राइवर की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को हत्या का दोषी मानना उचित नहीं होगा। हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही उसकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट होगी।
राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े या सार्वजनिक रूप से सक्रिय व्यक्ति की हत्या की ऐसी घटना कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है। हालांकि इस मामले में वारदात की परिस्थितियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और पुलिस की जांच जारी है।
पुलिस सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है। CCTV फुटेज, मोबाइल सर्विलांस, वाहन की जांच और संदिग्धों से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की जानकारी जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकती है।
लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी से जुड़े नेता और महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार को लापता होने के बाद रविवार को उनका शव दुबग्गा इलाके की नहर से बरामद हुआ। पुलिस जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है और उनके ड्राइवर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। CCTV, सर्विलांस और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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