Last updated: September 8th, 2026 at 03:53 pm

बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी के दौरान एक युवक को 20 लाख रुपये नकद के साथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में हुई, जहां NIA की टीम एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश में पहुंची थी। इसी दौरान एक युवक पुलिस और जांच एजेंसियों की गतिविधि देखकर स्कूटी से भागने की कोशिश करने लगा। STF और स्थानीय पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसकी स्कूटी से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, NIA की टीम पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में जुडियो मॉल के पास स्थित एक अपार्टमेंट में एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश में पहुंची थी। जिस फ्लैट पर कार्रवाई की जानी थी, वहां टीम को अपेक्षित व्यक्ति नहीं मिला। इसी दौरान परिसर से एक युवक बाहर निकला और पुलिस की मौजूदगी देखकर वहां से निकलने की कोशिश करने लगा। उसके व्यवहार पर संदेह होने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसका पीछा किया।
युवक ने स्कूटी से भागने की कोशिश की, लेकिन STF और स्थानीय पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसकी स्कूटी की तलाशी ली गई। जांच के दौरान स्कूटी की डिक्की से करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने युवक से पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल इस नकदी के स्रोत और इसे रखने के उद्देश्य को लेकर जांच जारी है।
पकड़े गए युवक की पहचान अनमोल कुमार मोदी के रूप में बताई गई है। वह पूर्वी चंपारण जिले के चकिया क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और उसका संबंध NIA की कार्रवाई के दौरान तलाशे जा रहे व्यक्ति या किसी अन्य मामले से है या नहीं।
इस कार्रवाई की एक खास बात यह है कि NIA की टीम जिस व्यक्ति की तलाश में पहुंची थी, वह मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसके बजाय जांच एजेंसियों को एक अन्य व्यक्ति के पास से नकदी मिली। इसी वजह से अब मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। अधिकारियों के सामने यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि बरामद 20 लाख रुपये किसी वैध कारोबारी या निजी लेनदेन से जुड़े हैं या फिर इनका किसी आपराधिक गतिविधि से संबंध है।
बरामद रकम को लेकर अभी जांच एजेंसियों की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। केवल नकदी बरामद होने के आधार पर उसके आपराधिक इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की जा सकती। एजेंसियां युवक से पूछताछ के अलावा उसके वित्तीय लेनदेन और संपर्कों से जुड़ी जानकारी भी खंगाल सकती हैं। आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि रकम का वास्तविक स्रोत क्या था।
NIA की यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब जांच एजेंसियां अलग-अलग मामलों में संदिग्ध नेटवर्क और उनसे जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। पटना में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस और STF की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि मौके से भागने की कोशिश कर रहे युवक को पकड़ने और उसके पास से नकदी बरामद करने में पुलिस टीम सफल रही।
घटना ने पटना में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान सामने आए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम को भी उजागर किया है। जिस व्यक्ति की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू हुई थी, वह नहीं मिला, लेकिन इसी दौरान दूसरे युवक के पास से 20 लाख रुपये बरामद हो गए। अब जांच एजेंसियों का अगला फोकस इस नकदी और युवक के संभावित संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने पर है।
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