Last updated: September 16th, 2026 at 02:31 pm

दिल्ली के कई स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ईमेल मिलने के बाद मंगलवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अचानक बढ़ा दी गई। धमकी मिलने के बाद स्कूल परिसरों को खाली कराया गया और दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड तथा दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान किसी भी स्कूल परिसर में विस्फोटक या कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और बाद में इन धमकियों को फर्जी घोषित कर दिया गया।
जिन स्कूलों को धमकी मिली, उनमें ब्रिटिश स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, सरदार पटेल विद्यालय सहित कई प्रमुख शिक्षण संस्थान शामिल बताए गए हैं। कुछ स्कूलों में धमकी मिलने के बाद छात्रों और कर्मचारियों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों की जांच की।
सुरक्षा एजेंसियों ने धमकी को हल्के में नहीं लिया। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल टीमों के साथ प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड ने स्कूलों के कमरों, खुले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच की। तलाशी पूरी होने के बाद जब कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली, तब स्कूलों में तत्काल खतरे की स्थिति नहीं होने की पुष्टि की गई।
दिल्ली पुलिस अब इन ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान धमकी वाले संदेशों की तकनीकी जानकारी और ईमेल से जुड़े डिजिटल संकेतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदेश किसने भेजे और इसके पीछे क्या मकसद था।
इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता देखने को मिली। कई अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन से जानकारी लेते रहे। हालांकि, तलाशी अभियान के बाद किसी वास्तविक विस्फोटक खतरे की पुष्टि नहीं हुई। स्कूलों ने भी सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के अनुसार स्थिति को संभाला।
दिल्ली में स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिलने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसी घटनाओं में अक्सर धमकी फर्जी साबित हुई है, लेकिन हर मामले में सुरक्षा एजेंसियों को पूरी प्रक्रिया के तहत जांच करनी पड़ती है। किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करने के कारण स्कूलों को खाली कराना और परिसर की जांच करना जरूरी कदम माना जाता है।
मौजूदा मामले में भी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद किसी विस्फोटक सामग्री की बरामदगी नहीं हुई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एक या कई ईमेल किस स्रोत से भेजे गए और क्या अलग-अलग स्कूलों को भेजे गए संदेशों के बीच कोई संबंध है।
दिल्ली के प्रभावित स्कूलों में किसी वास्तविक बम की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने के लिए अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों ने स्कूलों और संस्थानों से किसी भी संदिग्ध संदेश या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
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