Last updated: September 17th, 2026 at 02:21 pm

उत्तर प्रदेश में NEET UG 2026 काउंसलिंग को लेकर मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। दूसरे राउंड की मेरिट लिस्ट से जुड़ी प्रक्रिया के बीच मेडिकल सीटों का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की नजर अब आगे होने वाले सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया पर है। राज्य में एमबीबीएस और बीडीएस समेत मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए यह चरण काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NEET UG परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया से गुजरना होता है। उत्तर प्रदेश में राज्य कोटे की मेडिकल और डेंटल सीटों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है। दूसरे राउंड की प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों के लिए मेरिट और सीट आवंटन से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण है।
पहले राउंड की काउंसलिंग के बाद जिन छात्रों को सीट नहीं मिल सकी या जो उपलब्ध विकल्पों के अनुसार आगे की प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए दूसरा राउंड एक और अवसर प्रदान करता है। इस चरण में उम्मीदवारों द्वारा चुने गए कॉलेज और पाठ्यक्रम के विकल्पों के आधार पर सीट आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल करने वाले विद्यार्थियों को आवंटित सीट के अनुसार आगे की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके लिए उम्मीदवारों को अपने दस्तावेज तैयार रखने की जरूरत होती है। काउंसलिंग के दौरान शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, NEET से संबंधित दस्तावेज और श्रेणी प्रमाणपत्र जैसे कागजात मांगे जा सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने संबंधित निर्देशों के अनुसार दस्तावेजों की जांच करानी होती है।
दूसरे राउंड में शामिल उम्मीदवारों के लिए कॉलेज और पाठ्यक्रम का चुनाव भी महत्वपूर्ण है। उम्मीदवारों ने काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर चुना है। सीट आवंटन उपलब्ध सीटों, उम्मीदवार की मेरिट और उसके द्वारा भरे गए विकल्पों समेत निर्धारित नियमों के आधार पर किया जाता है।
काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों के सामने सीट को स्वीकार करने, आगे के राउंड में शामिल होने या निर्धारित नियमों के अनुसार अन्य विकल्प चुनने की स्थिति आ सकती है। इसलिए छात्रों को आवंटन परिणाम देखने के बाद संबंधित निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटों के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी काउंसलिंग में हिस्सा लेते हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीमित सीटों के कारण उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा रहती है। वहीं निजी संस्थानों में भी दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत सीट आवंटन किया जाता है।
दूसरे राउंड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली रह जाने वाली सीटों के आधार पर आगे की काउंसलिंग की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जिन उम्मीदवारों को इस चरण में सीट नहीं मिलती, उन्हें आगे के राउंड से संबंधित आधिकारिक कार्यक्रम और निर्देशों पर नजर रखनी होगी।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल और अपने आवेदन से जुड़े विवरणों को नियमित रूप से जांचते रहें। सीट आवंटन के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर उम्मीदवार को परेशानी हो सकती है।
NEET UG काउंसलिंग में एक छोटी सी गलती भी प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसलिए कॉलेज चयन, दस्तावेजों की जानकारी और फीस से जुड़े निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है। उम्मीदवारों को किसी भी अफवाह या अनधिकृत जानकारी के बजाय आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
दूसरे राउंड की मेरिट और सीट आवंटन प्रक्रिया के साथ अब उत्तर प्रदेश में मेडिकल दाखिले की प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच गई है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी पसंद के कॉलेज में सीट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले चरणों में सीट स्वीकार करने और प्रवेश से संबंधित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
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