Last updated: September 21st, 2026 at 03:16 pm

उत्तर प्रदेश के आगरा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के 2026 के इक्विटी नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। रविवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी ट्रैक्टरों के साथ मुड़ी चौराहे के पास जुटे और जिला मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। बाद में कुछ प्रदर्शनकारी यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच गए और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी खंदौली थाना क्षेत्र के मुड़ी चौराहे पर एकत्र हुए थे। उनका उद्देश्य आगरा जिला मुख्यालय तक मार्च करना था। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के बाद पुलिस और PAC को तैनात किया गया तथा रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों का एक समूह यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंच गया। कुछ लोग सड़क पर बैठ गए और कुछ ने वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया। इससे एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें सड़क से हटाया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई। पुलिस ने बताया कि इस घटना में उस समय किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया था।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग UGC के Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 को वापस लेने की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियमों के कुछ प्रावधानों का सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के खिलाफ गलत इस्तेमाल हो सकता है और झूठी शिकायतों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए। ये प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई आपत्तियां हैं; नियमों का घोषित उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकना और समानता को बढ़ावा देना है।
UGC ने 13 जनवरी 2026 को नए इक्विटी नियम अधिसूचित किए थे। इन नियमों में जाति, धर्म, भाषा, जातीयता, लिंग और दिव्यांगता समेत विभिन्न आधारों पर भेदभाव रोकने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को उपाय करने की व्यवस्था की गई थी। नए नियमों को लेकर बाद में कानूनी चुनौती सामने आई।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को 2026 के नियमों को फिलहाल प्रभावी करने पर रोक लगाते हुए उन्हें अबeyance में रखने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि अगले आदेश तक 2012 के इक्विटी नियम लागू रहेंगे। नए नियमों की वैधता और उनसे जुड़े मुद्दों पर कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
आगरा में हुआ प्रदर्शन इसी व्यापक विवाद से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर मार्च निकालने की कोशिश की, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित होने के बाद पुलिस की बातचीत से प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया।
![]()
Comments are off for this post.