Last updated: September 22nd, 2026 at 03:11 pm

उत्तर प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर कुछ थमा हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 24 सितंबर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इसके बाद 25 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 28 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 से 28 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में किसी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है। 23 सितंबर को भी तत्काल भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि 24 सितंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी गतिविधियों की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसी गतिविधियां 25 सितंबर से बढ़ सकती हैं।
इसके बाद बारिश का प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है। IMD के पूर्वानुमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 25, 26, 27 और 28 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26, 27 और 28 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं जैसी मौसमी गतिविधियां भी हो सकती हैं।
मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र से जुड़ा हुआ है। IMD ने 21 सितंबर को बताया था कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। इस सिस्टम के कारण मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान और नमी में बदलाव देखने को मिला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश वाले दिनों की संख्या बढ़ने के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश के नए दौर के कारण दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है, जबकि रात के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि 22 और 23 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अपेक्षाकृत शुष्क मौसम रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि लोगों को तत्काल भारी बारिश से राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत कुछ दिनों की हो सकती है। 24 सितंबर से मौसम में बदलाव और उसके बाद 25 सितंबर से बारिश बढ़ने का अनुमान है।
बारिश के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर रहने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमानों पर नजर रखना जरूरी होगा, खासकर उन जिलों में जहां भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
फिलहाल मौसम विभाग का पूर्वानुमान यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। आने वाले सप्ताह में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी 25 सितंबर के बाद मौसम सक्रिय हो सकता है।
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