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J&K में 12.89 लाख किसानों को फसल बीमा का कवरेज, 221.71 करोड़ रुपये के क्लेम का भुगतान

जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए फसल बीमा से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार ने विधानसभा में अहम आंकड़े पेश किए
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जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए फसल बीमा से जुड़ी योजनाओं को लेकर सरकार ने विधानसभा में अहम आंकड़े पेश किए हैं। सरकार के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और मौसम-आधारित फसल बीमा योजना लागू है। अब तक 12.89 लाख से ज्यादा किसान इन योजनाओं के दायरे में आ चुके हैं और 221.71 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है।

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    विधानसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, कृषि उत्पादन विभाग के प्रभारी मंत्री ने बताया कि दोनों योजनाएं मांग आधारित हैं और जम्मू-कश्मीर के सभी पात्र किसान परिवार इनके लिए आवेदन कर सकते हैं।

    करीब 13.98 लाख किसान परिवार पात्र

    विधायकों फारूक अहमद शाह, इरफान हफीज लोन और गुलाम मोहि-उद-दीन मीर के सवालों के जवाब में सरकार ने बताया कि निर्धारित नियमों और पात्रता मानदंडों के अनुसार करीब 13.985 लाख किसान परिवार (FoFs) इन योजनाओं का लाभ लेने के पात्र हैं।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2017-18 से 2025-26 के बीच कुल 6.86 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को बीमा कवरेज में शामिल किया गया। इस अवधि में 12,89,917 किसानों को योजना का लाभ मिला।

    3.72 लाख से ज्यादा क्लेम का निपटारा

    सरकार के मुताबिक, इस अवधि में किसानों की ओर से किए गए 3,72,134 फसल बीमा क्लेम का निपटारा किया गया। इन दावों के तहत कुल 221.71 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है।

    आंकड़ों में बताया गया कि सबसे अधिक किसान भागीदारी खरीफ 2025-26 सीजन में दर्ज हुई। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों से कुल 2,01,480 किसान फसल बीमा योजना से जुड़े। इसी सीजन में 93,680 क्लेम का निपटारा किया गया और किसानों को 54.80 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया।

    पहले सीमित जिलों में थी PMFBY की पहुंच

    सरकार ने विधानसभा में बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की कवरेज पहले जम्मू-कश्मीर के कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित थी। अब इसे पूरे केंद्र शासित प्रदेश में विस्तारित कर दिया गया है। इस विस्तार से मौसम की वजह से होने वाले नुकसान और फसल खराब होने के जोखिम का सामना करने वाले पात्र किसानों के लिए बीमा योजनाओं तक पहुंच बढ़ी है।

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