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बिहार में रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 51 ट्रेनें रद्द और 47 का बदला रूट; मोकामा में रेल पुल का काम

    बिहार में रेल यात्रियों के लिए शनिवार 26 सितंबर को महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मोकामा के पास
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    बिहार में रेल यात्रियों के लिए शनिवार 26 सितंबर को महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मोकामा के पास गंगा नदी पर बने राजेंद्र पुल के समानांतर तैयार किए गए नए रेल पुल को मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। इस काम के चलते बिहार से गुजरने वाली और बिहार आने-जाने वाली 51 ट्रेन सेवाओं को रद्द किया गया है, जबकि 47 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है। इसके अलावा 11 ट्रेनों को उनके मूल स्टेशन से पहले समाप्त या किसी दूसरे स्टेशन से शुरू किया गया है।

     

    पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, यह परिचालन बदलाव राजेंद्र पुल के आसपास चल रहे प्री-एनआई और एनआई कार्यों की वजह से किया गया है। रेलवे नेटवर्क में बदलाव का उद्देश्य नए रेल पुल को मौजूदा लाइन से जोड़ना और संबंधित सेक्शन में नई व्यवस्था को चालू करना है। काम का असर दानापुर और सोनपुर मंडल से जुड़ी रेल सेवाओं पर पड़ा है।

     

    राजेंद्र पुल मोकामा और बरौनी को गंगा नदी के रास्ते जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रेल-सह-सड़क पुल है। मौजूदा पुल पर एक ही रेलवे लाइन है और तकनीकी कारणों से इसे डबल लाइन में बदलना संभव नहीं था। इसी वजह से इसके समानांतर नया डबल लाइन रेल पुल तैयार किया गया है। रेलवे के अनुसार इस परियोजना को 2015-16 के रेल बजट में मंजूरी मिली थी और इसकी अनुमानित लागत करीब 1,491.47 करोड़ रुपये बताई गई थी।

     

    नए पुल के चालू होने के बाद रेलवे नेटवर्क में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। नया पुल अपर हथीदह जंक्शन, टाल जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन से जुड़े रेल नेटवर्क का हिस्सा बनेगा। इससे इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर भविष्य में ट्रेनों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

     

    26 सितंबर को रद्द की गई ट्रेनों में हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस, रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस, कोलकाता-आरा गरीब रथ, कोलकाता-जयनगर एक्सप्रेस, कोलकाता-सितामढ़ी एक्सप्रेस, सहरसा-राजेंद्र नगर इंटरसिटी, राजेंद्र नगर-सहरसा इंटरसिटी और पुरी-पटना एक्सप्रेस जैसी सेवाएं शामिल हैं। मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस, हावड़ा-दरभंगा एक्सप्रेस और गोरखपुर-रांची एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर भी असर पड़ा है।

     

    इसके अलावा कई लंबी दूरी की ट्रेनों को दूसरे रास्ते से चलाया गया है। इनमें हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस, अमृतसर-हावड़ा मेल, हावड़ा-प्रयागराज विभूति एक्सप्रेस, आनंद विहार-जयनगर गरीब रथ, हावड़ा-काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस और देहरादून-हावड़ा कुंभ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं। रूट बदलने के कारण कुछ ट्रेनों के निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव भी प्रभावित हुआ है।

     

    रेलवे ने कुछ ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट और शॉर्ट-ओरिजिनेट भी किया है। इसका मतलब है कि कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित अंतिम स्टेशन तक नहीं जाएंगी, जबकि कुछ सेवाएं अपने मूल शुरुआती स्टेशन के बजाय रास्ते के किसी स्टेशन से शुरू की गई हैं। यात्रियों को इसलिए केवल ट्रेन के नंबर और नाम की जानकारी के आधार पर यात्रा की योजना नहीं बनानी चाहिए, बल्कि अपने यात्रा दिवस की वास्तविक स्थिति जांचनी चाहिए।

     

    रेलवे के इस बदलाव का असर खासतौर पर पटना, मोकामा, बरौनी, किउल, जयनगर, भागलपुर और बिहार के अन्य हिस्सों से जुड़े यात्रियों पर पड़ सकता है। कई ट्रेनें बिहार के महत्वपूर्ण स्टेशनों को छोड़कर वैकल्पिक मार्ग से चल रही हैं। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की स्थिति और निर्धारित रूट की जानकारी लेना जरूरी होगा।

     

    रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने की सलाह दी है। विशेष रूप से जिन यात्रियों की ट्रेन पटना, मोकामा, बरौनी या किउल क्षेत्र से होकर गुजरती है, उन्हें यह देखना चाहिए कि उनकी ट्रेन रद्द है, डायवर्ट की गई है या शॉर्ट-टर्मिनेट/शॉर्ट-ओरिजिनेट की गई है। वास्तविक समय की जानकारी रेलवे के आधिकारिक यात्री सूचना माध्यमों से प्राप्त की जा सकती है।

     

    मोकामा में चल रहा यह काम बिहार के रेल नेटवर्क के विस्तार और क्षमता बढ़ाने से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा है। नए डबल लाइन पुल के रेलवे नेटवर्क में शामिल होने के बाद मौजूदा राजेंद्र पुल पर रेल यातायात का दबाव कम करने और इस मार्ग पर अतिरिक्त रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।  निर्माण और तकनीकी कार्यों के कारण यात्रियों को अस्थायी तौर पर रद्दीकरण और रूट बदलाव का सामना करना पड़ रहा है।

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