Last updated: September 29th, 2026 at 10:10 am

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU में जल्द ही हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है। संस्थान में हृदय प्रत्यारोपण की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मौजूदा जानकारी के अनुसार करीब दो महीने के भीतर यहां हार्ट ट्रांसप्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डोनर और मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इससे गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए सरकारी चिकित्सा व्यवस्था में एक और विकल्प उपलब्ध होगा।
KGMU के कार्डियोवास्कुलर एंड थोरेसिक सर्जरी यानी CTVS विभाग को हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए लाइसेंस पहले ही मिल चुका है। संस्थान के अनुसार प्रत्यारोपण के लिए जरूरी उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सकों की टीम और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध हैं। बाकी तैयारियों को भी पूरा किया जा रहा है ताकि सेवा शुरू होने के बाद मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं एक ही संस्थान में उपलब्ध कराई जा सकें।
हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने के बाद KGMU लखनऊ का एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान बन जाएगा जहां इस जटिल प्रक्रिया की सुविधा उपलब्ध होगी। अभी लखनऊ में संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी SGPGI में हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। KGMU में यह सेवा शुरू होने से गंभीर हृदय रोगियों के लिए प्रत्यारोपण की सुविधा का दायरा बढ़ेगा।
इस परियोजना में मरीजों के इलाज की लागत भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। हार्ट ट्रांसप्लांट निजी अस्पतालों में काफी महंगा हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निजी क्षेत्र में इस पूरी प्रक्रिया पर करीब एक करोड़ रुपये तक खर्च हो सकता है, जबकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में यह लागत लगभग 12 से 15 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। हालांकि KGMU ने अभी अपनी अंतिम शुल्क दर निर्धारित नहीं की है।
KGMU में शुरुआती पांच हार्ट ट्रांसप्लांट पूरी तरह मुफ्त कराने का निर्णय भी लिया गया है। इससे शुरुआती चरण में चयनित मरीजों को आर्थिक राहत मिल सकती है। इसके लिए मरीजों और संभावित डोनर के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। ट्रांसप्लांट के लिए मरीज की चिकित्सकीय स्थिति, डोनर की उपलब्धता और निर्धारित चिकित्सा मानकों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए केवल ऑपरेशन की सुविधा होना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए कार्डियक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, इम्यूनोसप्रेसिव दवाओं और ट्रांसप्लांट के बाद लंबे समय तक मरीज की निगरानी की व्यवस्था भी जरूरी होती है। KGMU की ओर से इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए टीम और संसाधनों को तैयार किया जा रहा है।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में भी हार्ट ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने को लेकर तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों के स्तर पर इस सुविधा को विकसित करने को लेकर चर्चा हुई है। इससे भविष्य में राजधानी में हृदय प्रत्यारोपण की सुविधाओं का विस्तार हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में हार्ट ट्रांसप्लांट की जरूरत वाले मरीजों के लिए अंगदान की उपलब्धता भी एक महत्वपूर्ण विषय है। हृदय प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त डोनर मिलने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इसलिए अंगदान के प्रति जागरूकता और निर्धारित प्रक्रिया के तहत डोनर पंजीकरण को इस सेवा की सफलता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
KGMU में हार्ट ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने की तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब सरकारी चिकित्सा संस्थानों में जटिल और महंगी उपचार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। किडनी प्रत्यारोपण जैसी सेवाओं के क्षेत्र में भी राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
KGMU में हार्ट ट्रांसप्लांट शुरू होने की संभावित समयसीमा करीब दो महीने बताई गई है। अंतिम शुरुआत आवश्यक तैयारियों, मरीजों और डोनर की उपलब्धता तथा चिकित्सा एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
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