Last updated: October 1st, 2026 at 02:32 pm

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 2026 का शरदकालीन सत्र बुधवार को समाप्त हो गया। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। श्रीनगर में 21 से 30 सितंबर तक चले इस सत्र में कुल सात दिन कार्यवाही हुई।
स्पीकर ने विधायकों का जताया आभार
सत्र के समापन पर अपने संबोधन में स्पीकर राथर ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले सभी विधायकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि विधायकों को अपने क्षेत्रों से जुड़े जन मुद्दे सदन में उठाने और जनता की अपेक्षाओं को सामने रखने का पर्याप्त अवसर मिले।
राथर ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक संबद्धता से ऊपर उठकर सभी सदस्यों को बोलने का अवसर देने की कोशिश की है। उन्होंने दोहराया कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं।
लंबे सत्र की जरूरत पर जोर
स्पीकर ने माना कि इस बार सत्र की अवधि सीमित थी। उन्होंने कहा कि अगर सदन की बैठकें ज्यादा लंबे समय तक चलें तो विधायकों को बहस में हिस्सा लेने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
उन्होंने हंगामे और तीखी बहस का भी जिक्र किया। राथर ने कहा कि विधानसभाओं में ऐसी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं, लेकिन सदस्यों को अपनी बात ज्यादा रचनात्मक तरीके से रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की अपनी राजनीतिक मजबूरियां होती हैं और उनका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी की तारीफ
स्पीकर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सदन में नियमित भागीदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई मुद्दों पर स्वयं जवाब देते थे और सदन में ठोस तैयारी के साथ आते थे, जिससे कार्यवाही में मदद मिली।
राथर के मुताबिक, उमर अब्दुल्ला समापन कार्यवाही में भी शामिल होना चाहते थे, लेकिन आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण ऐसा नहीं हो सका।
विपक्ष के नेता सुनील शर्मा की स्कूली शिक्षा को लेकर की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए स्पीकर ने उनसे इसे सकारात्मक तरीके से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि शर्मा युवा हैं और उनसे काफी उम्मीदें हैं।
विधानसभा स्टाफ और मीडिया की सराहना
समापन संबोधन में राथर ने विधानसभा कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, PHE, PDD और अन्य विभागों के योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में कर्मचारियों के बावजूद सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्टाफ ने प्रयास किया।
स्पीकर ने प्रेस और मीडिया को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि पत्रकार विधानसभा और जनता के बीच अहम कड़ी का काम करते हैं। उनके मुताबिक, मीडिया सदन में उठने वाले जन मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने और विधानसभा की कार्यवाही की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विधानसभा कर्मचारियों की पदोन्नति और सेवा संबंधी मांगों पर उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी इन मुद्दों पर काम कर रहे हैं। सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 2026 का शरदकालीन सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
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