Last updated: October 2nd, 2026 at 02:05 pm

दिल्ली में हाल ही में शुरू किए गए बारापुला फेज-3 कॉरिडोर पर यातायात व्यवस्था को लेकर लगातार चुनौती बनी हुई है। कॉरिडोर खुलने के बाद लगातार दूसरे दिन भी कई हिस्सों में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। सबसे ज्यादा परेशानी सराय काले खां की ओर जाने वाले मार्ग पर सामने आई, जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक एक जगह मिलने के कारण दबाव बढ़ गया।
बारापुला फेज-3 को पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच आवाजाही को आसान बनाने और यात्रा समय कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कॉरिडोर खुलने के बाद बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने नए मार्ग का इस्तेमाल शुरू किया। हालांकि, वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही कुछ प्रमुख मर्जिंग प्वाइंट पर जाम की स्थिति बनने लगी। सराय काले खां के पास सनडायल क्षेत्र को ऐसे ही प्रमुख स्थानों में बताया गया है।
गुरुवार को स्थिति इतनी गंभीर रही कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास सराय काले खां की ओर जा रही कम से कम चार एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। वाहनों के बीच जगह कम होने के कारण आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हुई। शाम के व्यस्त समय में इस हिस्से पर वाहन काफी धीमी गति से आगे बढ़ते रहे।
ट्रैफिक अधिकारियों के अनुसार, मयूर विहार से आश्रम की ओर जाने वाली एक लेन के बाधित होने से भी गुरुवार सुबह समस्या बढ़ी। उस दिशा से आने वाले वाहनों को मुख्य लेन में वापस आकर शामिल होना पड़ा, जिससे मर्जिंग प्वाइंट पर अतिरिक्त दबाव बना। सराय काले खां के पास कई दिशाओं से आने वाला यातायात एक साथ मिलने के कारण स्थिति और जटिल हुई।
ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन सर्वे भी किया। जांच में सामने आया कि नए कॉरिडोर और पुराने बारापुला मार्ग के जुड़ने वाले हिस्से में लेन क्षमता का अंतर है। नए कॉरिडोर से आने वाले कई वाहन अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले पुराने हिस्से में एक साथ पहुंच रहे हैं, जिससे bottleneck जैसी स्थिति बन रही है।
अधिकारियों ने सनडायल के पास मर्जिंग प्वाइंट की संरचना में बदलाव और वाहनों के लिए अधिक सहज मर्जिंग व्यवस्था बनाने जैसे उपायों पर विचार किया है। कुछ स्थानों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए सिग्नल या अन्य यातायात नियंत्रण व्यवस्था लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। जरूरत के अनुसार NH-24 की ओर जाने वाले ट्रैफिक को नियंत्रित या डायवर्ट करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
बारापुला फेज-3 के कारण मयूर विहार से सराय काले खां की दिशा में यातायात का दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। शुरुआती दिनों में कई वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। कुछ रिपोर्टों में तीन से चार किलोमीटर तक लंबी कतारों और काफी अधिक यात्रा समय की जानकारी दी गई।
हालांकि 2 अक्टूबर को सरकारी अवकाश होने के कारण सुबह के समय इस मार्ग पर ट्रैफिक दबाव अपेक्षाकृत कम रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सराय काले खां के पास उस दिन जाम की स्थिति पहले के मुकाबले सामान्य रही। ट्रैफिक विभाग की ओर से गूगल मैप्स पर रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
बारापुला फेज-3 का उद्देश्य मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां और दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ना है। लगभग 10.9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर से पूर्वी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के बीच संपर्क बेहतर करने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, सही ट्रैफिक प्रबंधन और मर्जिंग प्वाइंट में सुधार के बाद कॉरिडोर का उपयोग अधिक सुचारु हो सकता है।
ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभाग कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही और मर्जिंग प्वाइंट की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। शुरुआती दिनों में सामने आई जाम की समस्या के आधार पर यातायात प्रबंधन में बदलाव और बुनियादी ढांचे से जुड़े सुधारों पर काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में सामान्य कार्यदिवस के दौरान ट्रैफिक दबाव की स्थिति के आधार पर आगे के कदम तय किए जा सकते हैं।
![]()
Comments are off for this post.