Last updated: October 2nd, 2026 at 02:15 pm

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। खास बात यह है कि तीन स्नातक सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के सामने राष्ट्रीय जनता दल यानी RJD के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है।
कांग्रेस की ओर से घोषित सूची के अनुसार दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया गया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजय यादव को टिकट दिया गया है। इन दोनों सीटों पर फिलहाल RJD ने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक सीट से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक सीट से डॉ. असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है।
कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में RJD पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर चुका है। ऐसे में इन तीन सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। RJD ने पिछले महीने विधान परिषद की छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसके बाद कांग्रेस ने भी पांच सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
बिहार विधान परिषद के लिए इस बार कुल आठ सीटों पर चुनाव होना है। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को मतदान होगा और इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के तहत पूरी की जाएगी।
इन चुनावों में आम विधानसभा चुनाव की तरह सभी मतदाता वोट नहीं करते। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए संबंधित व्यक्ति के पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पुरानी स्नातक डिग्री होना जरूरी है और उसका संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य निवास होना चाहिए। इसके साथ ही उसका नाम संबंधित मतदाता सूची में दर्ज होना आवश्यक है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदाताओं के लिए अलग पात्रता निर्धारित है। माध्यमिक विद्यालय, कॉलेज या विश्वविद्यालय में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले पात्र शिक्षक, यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, तो मतदान कर सकते हैं। इसलिए विधान परिषद के इन निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता आधार सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है।
कांग्रेस की पांच उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद तीन स्नातक सीटों पर दोनों सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला तय हो गया है। राजनीतिक दलों के लिए इन निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक तैयारी और अपने संबंधित मतदाता समूहों तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि चुनाव का अंतिम परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को फिर से उम्मीदवार बनाया है। वहीं पटना शिक्षक सीट पर डॉ. संजय यादव को मैदान में उतारा गया है। इन दोनों सीटों पर RJD की ओर से उम्मीदवार घोषित नहीं किए जाने के कारण फिलहाल स्थिति तीन स्नातक सीटों से अलग है।
तीन स्नातक सीटों पर कांग्रेस और RJD के उम्मीदवारों के आमने-सामने आने के कारण इन चुनावों में दोनों दलों के बीच स्थानीय स्तर पर अलग-अलग चुनावी मुकाबले देखने को मिलेंगे। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ अब संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया और प्रचार गतिविधियां आगे बढ़ेंगी।
बिहार विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया में नामांकन, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और इसके बाद मतदान शामिल होगा। चूंकि मतदान के लिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की पात्र मतदाता सूचियां इस्तेमाल होती हैं, इसलिए उम्मीदवारों और दलों के लिए इन मतदाता समूहों तक पहुंच बनाना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
बिहार की आठ विधान परिषद सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। तीन स्नातक सीटों पर उसके उम्मीदवारों का मुकाबला RJD के उम्मीदवारों से होगा, जबकि दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर फिलहाल RJD ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान इस चुनावी प्रक्रिया का अगला प्रमुख चरण होगा।
![]()
Comments are off for this post.