Last updated: October 5th, 2026 at 01:21 pm
दिल्ली पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी जॉब प्लेसमेंट कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कथित तौर पर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अलग-अलग कंपनियों में रोजगार दिलाने का झांसा देते थे और इसके बदले उनसे पैसे वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार, फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को फोन किया जाता था। आरोपियों द्वारा खुद को प्रतिष्ठित कंपनियों या प्लेसमेंट एजेंसी से जुड़ा कर्मचारी बताया जाता था। बातचीत के दौरान उम्मीदवारों को आकर्षक नौकरी और अच्छे वेतन का लालच दिया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज सत्यापन, इंटरव्यू और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर उनसे अलग-अलग रकम मांगी जाती थी।
नौकरी की तलाश में रहने वाले युवाओं के लिए ऐसी धोखाधड़ी बड़ी समस्या बनती जा रही है। बेरोजगारी या बेहतर नौकरी की तलाश के दौरान कई उम्मीदवार आकर्षक वेतन और तुरंत नियुक्ति के वादे पर भरोसा कर लेते हैं। साइबर ठग और फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियां इसी भरोसे का फायदा उठाकर लोगों से पैसे ऐंठती हैं।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी बाकायदा कॉल सेंटर की तरह काम कर रहे थे। यहां से संभावित उम्मीदवारों को फोन किया जाता था और उन्हें नौकरी के अलग-अलग ऑफर बताए जाते थे। बातचीत के बाद उनसे पैसे जमा करवाए जाते थे। कई मामलों में पीड़ितों से ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कराने की बात भी सामने आई है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से जुड़े कई सामान और दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इन उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का संचालन कौन कर रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। इसके अलावा उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जो फर्जी दस्तावेज, बैंक खातों या तकनीकी सहायता के जरिए गिरोह की मदद करते थे।
नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी में अक्सर उम्मीदवारों को पहले कम रकम जमा करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद अलग-अलग चरणों के नाम पर लगातार पैसे मांगे जाते हैं। जब उम्मीदवार को नौकरी नहीं मिलती और वह संपर्क करने की कोशिश करता है तो कई बार आरोपी फोन बंद कर देते हैं या नंबर बदल देते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई कंपनी नौकरी देने से पहले रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी, ट्रेनिंग या अन्य किसी कारण से पैसे मांगती है तो उसकी अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क माध्यम से नौकरी के ऑफर की पुष्टि करना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को खासतौर पर सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और फोन कॉल के जरिए मिलने वाले ऑफर को लेकर सतर्क रहना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक डिटेल, OTP, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई फर्जी रोजगार नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के शिकार हुए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी से बचने के लिए युवाओं को किसी भी ऑफर की पुष्टि किए बिना पैसा जमा नहीं करना चाहिए। नौकरी देने वाली कंपनी, नियुक्ति प्रक्रिया और संपर्क व्यक्ति की जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करना सबसे सुरक्षित तरीका है। दिल्ली में हुई इस कार्रवाई से ऐसे फर्जी प्लेसमेंट नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की निगरानी और सख्त कार्रवाई का संकेत मिलता है।
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