Last updated: October 6th, 2026 at 02:20 pm

दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बीच सक्रिय एक अंतरराज्यीय हेरोइन सप्लाई और निर्माण नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रोहिणी जिला पुलिस की विशेष टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 7.076 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत 16 सितंबर को हुई, जब टीम को दिल्ली के बेगमपुर इलाके में मादक पदार्थों की आवाजाही की सूचना मिली। सूचना के आधार पर सेक्टर-32 में एक एसयूवी को रोका गया। वाहन से हरियाणा के रोहतक निवासी 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा को पकड़ा गया। उसके पास से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ के बाद पुलिस को नेटवर्क के आगे के कनेक्शन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने 17 सितंबर को अनिल उर्फ भोला को सोनीपत से गिरफ्तार किया। उसके वाहन से 501 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, वह पहले भी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में आरोपी रहा है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उस नेटवर्क के मुख्य सप्लाई स्रोत तक पहुंचने के लिए तकनीकी निगरानी और पूछताछ का सहारा लिया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दिल्ली-एनसीआर में पहुंचाई जा रही हेरोइन का एक महत्वपूर्ण स्रोत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौजूद था। इसके बाद पुलिस टीम ने लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सीता कॉलोनी में एक कथित अवैध निर्माण इकाई पर छापा मारा। 4 अक्टूबर को की गई इस कार्रवाई में 6.275 किलोग्राम तैयार हेरोइन बरामद की गई। यह बरामदगी पूरे मामले की सबसे बड़ी खेप बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस को केवल तैयार नशीला पदार्थ ही नहीं मिला, बल्कि कथित तौर पर हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी बरामद हुए। इनमें करीब 2.504 किलोग्राम सोडियम, 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, बर्तन, टब, पॉलीथीन और इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन जैसी चीजें शामिल हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि वहां केवल नशीले पदार्थों का भंडारण ही नहीं, बल्कि उनके निर्माण की गतिविधि भी चल रही थी।
पुलिस ने मौके से बबलू नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कथित मुख्य सप्लायर और निर्माण इकाई के मालिक रुकसार अली उर्फ राजू को भी बरेली से गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और नशीले पदार्थों की सप्लाई किन-किन इलाकों तक की जाती थी।
पुलिस की कार्रवाई से सामने आया नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की खरीद और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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