Last updated: October 6th, 2026 at 02:23 pm

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन ने बिहार में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि 7 अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर ‘आक्रोश मार्च’ निकाला जाएगा। इसके बाद 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और धरना दिया जाएगा।
विपक्षी गठबंधन का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लोगों के बीच चिंता है। तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।
7 अक्टूबर का कार्यक्रम बिहार के सभी प्रखंड स्तरों पर आयोजित किया जाएगा। INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता और कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर मार्च और प्रदर्शन में शामिल होंगे। कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान SIR प्रक्रिया से जुड़ी अपनी आपत्तियां उठाई जाएंगी। विपक्षी दलों ने अपने संगठन को इन कार्यक्रमों की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद 8 अक्टूबर को आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की योजना है। सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और धरने का कार्यक्रम रखा गया है। पटना में विपक्षी दलों के नेता विशेष मार्च निकालकर लोक भवन की ओर जाने और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और SIR से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई जाएगी।
तेजस्वी यादव ने SIR के मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा है कि विपक्ष इस मामले पर चुप नहीं बैठेगा। उनका आरोप है कि बिहार और अन्य राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम प्रभावित हुए हैं। विपक्षी गठबंधन का दावा है कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटता है तो इसका सीधा असर उसके मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है। हालांकि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच दावे और आरोप अलग-अलग हैं।
SIR को लेकर विवाद केवल बिहार तक सीमित नहीं है। चुनावी मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध दर्ज करा रहे हैं। 6 अक्टूबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया और SIR को समाप्त करने तथा कथित रूप से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग उठाई। इससे बिहार में प्रस्तावित आंदोलन को भी राष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार में 7 और 8 अक्टूबर का आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य की राजनीति पहले से ही चुनावी माहौल में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और SIR जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हो गए हैं। INDIA गठबंधन इस आंदोलन के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने की कोशिश कर रहा है।
आने वाले दो दिनों में बिहार के प्रखंड और जिला स्तर पर होने वाले प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है। प्रशासन की ओर से भी बड़े कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा सकती हैं। आंदोलन के दौरान विपक्ष की मुख्य मांगें SIR प्रक्रिया पर सवाल, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के इर्द-गिर्द रहेंगी।
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