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उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर, 10 नदियां उफान पर; प्रयागराज का लेटे हनुमानजी मंदिर जलमग्न

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा
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उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रदेश की करीब 10 नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में निचले इलाकों में पानी भर गया है। गोंडा, लखनऊ, सीतापुर और प्रयागराज समेत कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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    गोंडा में 10 गांव बाढ़ की चपेट में

    गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 75 सेंटीमीटर नीचे बताया जा रहा है, लेकिन तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। ब्योन्दा माझा, दत्तनगर और नकहरा समेत 10 गांवों में घरों और रास्तों पर पानी भरा हुआ है। लोगों की आवाजाही के लिए 50 से अधिक नावें लगाई गई हैं।

    घाघरा और सरयू नदी के कटान से नवाबगंज के निचले इलाकों में भी स्थिति बिगड़ी है। पिछले 24 घंटे में 20 बीघे से अधिक जमीन और फसल नदी में समा जाने की बात सामने आई है।

    लखनऊ में गोमती का जलस्तर लगातार बढ़ा

    लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ने से आसपास के इलाकों में बाढ़ का असर बढ़ गया है। फैजुल्लागंज क्षेत्र में करीब 40 हजार घरों में 5 से 6 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है।

    इटौंजा में भी बाढ़ के तेज बहाव में छह युवकों के बहने की घटना सामने आई। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को बचा लिया गया। वहीं, उन्नाव में दीवार गिरने से एक महिला की जान चली गई।

    13 फीट पानी में डूबा लेटे हनुमानजी मंदिर का गर्भगृह

    प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध लेटे हनुमानजी मंदिर भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। मंदिर का गर्भगृह करीब 13 फीट पानी में डूब गया है। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह को बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो दशक बाद मंदिर में ऐसी स्थिति बनी है, जब बाढ़ का पानी इस स्तर तक पहुंचा है।

    कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि

    प्रदेश में बाढ़ के साथ मौसम का मिजाज भी लगातार बदल रहा है। सोमवार देर शाम बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर समेत आठ जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के पोल गिरने की घटनाएं सामने आईं।

    वैज्ञानिक अतुल सिंह के मुताबिक, बिहार और उत्तर प्रदेश के ऊपर नया बारिश सिस्टम सक्रिय हुआ है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

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