Last updated: October 7th, 2026 at 10:49 am

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान के संकेत मिलने लगे हैं। कांग्रेस के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष और सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि दोनों दलों को सीटों का फैसला जल्द कर लेना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस गठबंधन में सपा को आगे रखना चाहती है, लेकिन अपनी पार्टी के सम्मान और हिस्सेदारी का भी ध्यान चाहती है।
‘कांग्रेस अब 2017 वाली नहीं, 2027 वाली है’
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस आज 2017 वाली स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में पार्टी में काफी बदलाव आया है और अब यह 2027 की कांग्रेस है।
मसूद ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि गठबंधन में अखिलेश यादव आगे रहें, लेकिन पार्टी की अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसा कोई समझौता नहीं करना चाहती जिससे उसकी अपनी राजनीतिक जमीन कमजोर हो।
‘हमारे सम्मान का ख्याल करिए, हम आपका करेंगे’
सीट बंटवारे पर मसूद ने कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग है कि सीटों पर फैसला अभी कर लिया जाए। उन्होंने कहा, “हमारे सम्मान का ख्याल करिए, हम आपका करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेगी और पार्टी के पास अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर अपेक्षाएं हैं। हालांकि, मसूद ने यह भी कहा कि दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे और उनका मकसद गठबंधन को कमजोर करना नहीं है।
अखिलेश यादव का प्रस्ताव मानने को तैयार
इमरान मसूद ने अखिलेश यादव के उस रुख पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सपा प्रमुख ने कहा है कि गठबंधन में सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण जीत है। मसूद ने कहा कि कांग्रेस अखिलेश यादव के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए सीटों का बंटवारा भी जरूरी है।
उन्होंने पहले भी इसी संदर्भ में कहा था कि “सीट होगी, तभी जीत होगी।” मसूद के ताजा बयान से साफ है कि कांग्रेस सीटों के मुद्दे पर जल्द बातचीत और फैसला चाहती है।
अक्टूबर में फाइनल हो सकता है सीट शेयरिंग फॉर्मूला
सपा और कांग्रेस के बीच 2027 के लिए सीट शेयरिंग को लेकर पहले से ही चर्चा चल रही है। कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी अक्टूबर में गठबंधन के बीच सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना जता चुके हैं। कांग्रेस ने राज्य की 403 विधानसभा सीटों पर संगठन और संभावित उम्मीदवारों को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
वहीं, सपा की रणनीति में सीटों का फैसला केवल पुराने चुनावी आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि संभावित जीत, स्थानीय संगठन और उम्मीदवार की स्थिति जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर करने की बात सामने आई है।
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