Last updated: October 10th, 2026 at 11:24 am

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मुस्लिम समाज के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा ने साजिद अनस उस्मानी को उत्तर प्रदेश भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। पद संभालने के बाद अनस उस्मानी ने विपक्षी दलों पर मुस्लिम समाज को डराने और गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती, बल्कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम करती है।
अनस उस्मानी के मुताबिक, वह सरकारी योजनाओं और उनके लाभार्थियों से जुड़े आंकड़ों के जरिए मुस्लिम समाज तक अपनी बात पहुंचाएंगे। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी मिल रहा है और पार्टी इसी आधार पर लोगों से संवाद करेगी।
‘ओवैसी मुस्लिमों को बरगलाकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं’
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी मुस्लिम समाज को गुमराह करके अपने राजनीतिक फायदे और विधायकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं। अनस उस्मानी ने मुस्लिम मतदाताओं से अपील की कि वे भावनाओं में बहने के बजाय सोच-समझकर फैसला लें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
सरकारी योजनाओं के जरिए मुस्लिम समाज तक पहुंचने की तैयारी
अनस उस्मानी ने बताया कि उनकी टीम पूरे उत्तर प्रदेश में दौरा करेगी। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
उनके मुताबिक, भाजपा की रणनीति योजनाओं के लाभार्थियों और सरकारी आंकड़ों के आधार पर लोगों तक पहुंचने की है। पार्टी मुस्लिम समाज के बीच अपनी नीतियों और कामकाज को लेकर संवाद बढ़ाना चाहती है।
‘भाजपा से जुड़ने पर परिवार को काफिर कहा गया’
अनस उस्मानी ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा से जुड़ने के कारण उन्हें और उनके परिवार को सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने उनके परिवार से दूरी बना ली और रिश्ते तक खत्म कर दिए। उनके अनुसार, परिवार को ‘काफिर’ कहकर भी अपमानित किया गया।
उन्होंने बताया कि उनके पिता भी भाजपा की विचारधारा से जुड़े रहे हैं। विद्यार्थी परिषद और भाजपा युवा मोर्चा में काम करने के दौरान उनकी अपनी राजनीतिक सोच और मजबूत हुई।
RSS को लेकर फैली भ्रांतियां दूर करने की बात
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर मुस्लिम समाज के एक वर्ग में मौजूद धारणा पर भी अनस उस्मानी ने अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि संघ के बारे में कई भ्रांतियां फैलाई गई हैं। उनके मुताबिक, संघ की विचारधारा समाज में भाईचारे और सभी वर्गों के कल्याण की बात करती है।
अनस उस्मानी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता मुस्लिम समाज तक पहुंच बनाना और लोगों को भाजपा से जोड़ने का प्रयास करना होगा। अब देखना होगा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की यह रणनीति मुस्लिम मतदाताओं के बीच कितना प्रभाव छोड़ पाती है।
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