Last updated: October 11th, 2026 at 12:35 pm

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जेडीयू नेता नीरज कुमार के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पटना के लोदीपुर स्थित विद्यापति भवन में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति के समर्थन में वोट मांगे। इसी दौरान नीरज कुमार के कथित बयान ‘बुखार छुड़ा देंगे’ का जिक्र होने पर प्रशांत किशोर ने पलटवार किया और कहा कि अगर उन्होंने आगे उनके खिलाफ बयानबाजी की, तो वह उनके कई राज सार्वजनिक कर देंगे।
‘बुखार लगेगा तो पैरासिटामोल खा लेंगे’
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर को बताया गया कि जेडीयू नेता और एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार ने उन्हें लेकर ‘बुखार छुड़ा देने’ जैसी बात कही है। इस पर पीके ने तंज कसते हुए कहा कि बुखार आएगा तो वह पैरासिटामोल खा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नीरज कुमार कोई डॉक्टर नहीं हैं और कुछ समय बाद बेरोजगार हो सकते हैं।
प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि अगर नीरज कुमार ने आगे उनके खिलाफ बयान दिया, तो वह उनके बारे में कई जानकारियां सार्वजनिक कर देंगे। पीके का दावा है कि पिछले डेढ़ साल के दौरान जेडीयू के कुछ नेताओं ने उन्हें पार्टी के खिलाफ कामकाज से जुड़ी जानकारियां दी हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इन जानकारियों और संबंधित दस्तावेजों को जनता के सामने रखेंगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली में प्रदर्शन और सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी बोले पीके
दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि चर्चा इस बात पर हो रही है कि प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए, लेकिन उनके मुताबिक, इसे नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। उन्होंने दावा किया कि करीब 40 हजार जवानों की तैनाती प्रदर्शन के प्रभाव को दिखाती है। यह आंकड़ा प्रशांत किशोर के दावे के तौर पर सामने आया है।
NDA की बैठक को लेकर भी साधा निशाना
एनडीए की समन्वय बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर में 480 नेताओं की बैठक के बाद भी सत्तारूढ़ गठबंधन की चिंता कम नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर भी एनडीए में बेचैनी है।
पीके ने कहा कि एनडीए चाहे विधानमंडल की बैठक करे या विधान परिषद से जुड़ी बैठक बुलाए, शिक्षक और स्नातक मतदाता चुनाव में अपना फैसला सुनाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को लेकर भी टिप्पणी की और दावा किया कि पढ़े-लिखे मतदाता एनडीए के उम्मीदवारों को हराने का मन बना चुके हैं।
प्रशांत किशोर के इन बयानों के बाद बिहार में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल नीरज कुमार की ओर से इन ताजा आरोपों पर प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।
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