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महंगाई से वोट के अधिकार तक, पप्पू यादव का केंद्र पर हमला; PM मोदी और अमित शाह से मांगा इस्तीफा

पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने
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पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम जनता के हितों के बजाय कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है। अपने बयान में उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, चुनाव प्रक्रिया, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और नागरिक अधिकारों जैसे मुद्दे उठाए।

Table of Contents

      महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर सवाल

    पप्पू यादव ने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, दाल और सब्जियों की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि महंगाई से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मध्यम वर्ग EMI के बोझ से परेशान है और देश पर कर्ज का दबाव भी बढ़ा है।

    सांसद ने बेरोजगारी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी केंद्र सरकार की नीतियों को घेरा। उन्होंने उद्योगपतियों के प्रभाव को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की नीतियों में आम लोगों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। एलन मस्क के एक ट्वीट का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री के कथित अपमान पर भाजपा नेताओं और मीडिया के एक वर्ग की प्रतिक्रिया को लेकर भी सवाल किए।

     बिहार में वोट कटने के आरोप पर जताई चिंता

    पप्पू यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 67 लाख वोट काटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मुद्दे को मतदाताओं के अधिकारों से जोड़ते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

    उनका कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा जरूरी है। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की संख्या और उसके कारणों को लेकर उनके दावों की पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों का मिलान जरूरी है।

     दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया

    सांसद ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान करीब सात हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को रोकने, रास्ते बंद करने और इंटरनेट सेवाएं बाधित किए जाने के आरोप लगाए।

    पप्पू यादव ने सोशल मीडिया हैंडलर, यूट्यूबर और पत्रकारों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्षी नेताओं, छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार पर सवाल खड़े किए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक जानकारी की जांच जरूरी है।

     ‘लड़ाई संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है’

    पप्पू यादव ने कहा कि देश की मौजूदा चुनौतियों को केवल धर्म या जाति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, संविधान, लोकतंत्र, आर्थिक स्वतंत्रता और विचारों की आजादी की रक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

    उन्होंने युवाओं, किसानों, गरीबों, महिलाओं और छोटे कारोबारियों के अधिकारों की बात करते हुए समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद ने मणिपुर की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार से सवाल किए।

     कांग्रेस और विपक्षी एकजुटता का समर्थन

    पप्पू यादव ने कांग्रेस और विपक्षी दलों से एकजुट होकर जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाने की अपील की। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

    कांग्रेस नेतृत्व की ओर से विधायकों, सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों को दिल्ली बुलाए जाने के फैसले का भी उन्होंने समर्थन किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों से एकजुट होकर आगे आने की अपील की।

     PM मोदी और अमित शाह से इस्तीफे की मांग

    अपने बयान के अंत में पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है।

    पप्पू यादव के बयान में महंगाई, बेरोजगारी, मतदाता सूची, पुलिस कार्रवाई और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। उनके लगाए गए आरोपों और आंकड़ों की पुष्टि के लिए संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, निर्वाचन आयोग के विवरण और स्वतंत्र स्रोतों की जांच आवश्यक है।

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