Last updated: October 11th, 2026 at 02:34 pm

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र में पति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए लगभग 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान अंशुल के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी निशा के साथ गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र स्थित वंदना विहार में किराए के कमरे में रहता था। बताया गया है कि पति-पत्नी दोनों नोएडा की एक ही सिलाई कंपनी में काम करते थे। सामान्य जीवन जी रहे इस दंपती के बीच विवाद की स्थिति और हत्या की वजह को लेकर पुलिस ने जांच शुरू की।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निशा और पप्पू उर्फ गंगा भगत के बीच कथित प्रेम संबंध थे। पुलिस का आरोप है कि दोनों अंशुल को रास्ते से हटाकर शादी करना चाहते थे। इसी उद्देश्य से हत्या की योजना बनाई गई। हालांकि, इस मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनके पीछे की परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को अंशुल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश की। जांच के दौरान पुलिस को निशा और पप्पू पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश और घटना से संबंधित कई जानकारियां सामने आईं। हालांकि, जांच में सामने आए तथ्यों को अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही परखा जाएगा।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी पप्पू की निशानदेही पर कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल किया गया .315 बोर का अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने मामले में शस्त्र अधिनियम यानी आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। बरामद हथियार की जांच और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण से घटना से जुड़ी परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई, इसमें किन परिस्थितियों की भूमिका रही और घटना से पहले आरोपियों के बीच क्या बातचीत हुई थी। जांच के दौरान दूसरे संभावित साक्ष्यों और घटनाक्रम की भी पड़ताल की जा सकती है।
यह घटना वैवाहिक विवादों के गंभीर और हिंसक रूप लेने की चिंता को सामने लाती है। हालांकि, किसी भी आपराधिक घटना के पीछे की वास्तविक वजह का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाना चाहिए। व्यक्तिगत संबंधों में विवाद होने पर हिंसा का रास्ता अपनाना न केवल एक व्यक्ति की जान के लिए खतरा पैदा करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गहरा असर डालता है।
पुलिस की कार्रवाई में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब मामले में जांच पूरी होने, साक्ष्य एकत्र किए जाने और अदालत में आरोपों की सुनवाई के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की कानूनी पुष्टि हो सकेगी।
![]()
Comments are off for this post.