Last updated: October 13th, 2026 at 08:16 am

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन का विरोध जारी है। मंगलवार, 13 अक्टूबर को राहुल गांधी ने गठबंधन के सांसदों, नागरिक समाज और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन के दौरान हिरासत और मेट्रो सेवाओं पर लगी पाबंदियों से जुड़े मामले भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। <Cite refs=
राहुल गांधी की हाई टी पार्टी में क्या होगा?
राहुल गांधी के आवास पर शाम 4 बजे होने वाली बैठक में INDIA गठबंधन के नेता, नागरिक समाज और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कथित ‘वोट चोरी’ और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस या विरोध प्रदर्शन भी हो सकता है। <Cite refs=
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य याचिका पर आज सुनवाई मुश्किल
12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इसके बाद राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के 11 नेताओं ने चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों के खिलाफ याचिका दाखिल की।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 प्रक्रियागत कमियां बताई हैं। इनमें कुछ याचिकाकर्ताओं के जरूरी दस्तावेजों की कमी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की अस्पष्ट कॉपी और कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी शामिल बताई गई है। इन आपत्तियों को दूर किए जाने तक मुख्य याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना नहीं है। <Cite refs= }/>
मेट्रो बंद करने और हिरासत के मामले में भी नजर
10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और दिल्ली में मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों को लेकर भी कानूनी लड़ाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की चेयरपर्सन डी. थारा से जवाब मांगा था। अधिकारियों को 13 अक्टूबर तक जवाब और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने सामान्य परिस्थितियों में मेट्रो और रेल सेवाएं चालू रखने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की गैरकानूनी हिरासत से बचने के निर्देश भी दिए थे। <Cite refs=
दिल्ली हाई कोर्ट में NSUI की याचिका पर नजर
दिल्ली हाई कोर्ट में NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ की उस याचिका पर भी सुनवाई का मामला है, जिसमें 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई कथित हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है। इसके अलावा, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी अदालत के सामने हैं।
CJP नेताओं को जंतर-मंतर पर हिरासत में लिया गया
इसी विरोध के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता और कार्यकर्ता मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पहुंचे। गेट और बैरिकेड्स पार कर प्रदर्शन करने के दौरान पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा लहराया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।
कई दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
INDIA गठबंधन के नेताओं ने 6 अक्टूबर को संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। इसके बाद 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर, 8 अक्टूबर को राजघाट और 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च और प्रदर्शन हुए। 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर याचिका दाखिल की।
अब सबकी नजर राहुल गांधी की बैठक, अदालतों में चल रही सुनवाई और विपक्ष की अगली रणनीति पर है। हालांकि, मुख्य याचिका पर सुनवाई से पहले रजिस्ट्री की आपत्तियों को दूर करना जरूरी है।
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