Last updated: October 13th, 2026 at 03:23 pm

राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर संभावित जाम तथा रूट डायवर्जन को लेकर एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रभावित इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा से बचें और घर से निकलने से पहले अपने रास्ते की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोमवार को भी विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। इसी घटनाक्रम के बाद मंगलवार को राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने कुल 22 चौराहों और सड़क मार्गों को संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया है। हालांकि, वास्तविक प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन मौके की स्थिति, प्रदर्शनकारियों की संख्या तथा सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत के अनुसार लागू किए जा सकते हैं।
जिन इलाकों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है, उनमें कनॉट प्लेस का आउटर सर्कल, बाराखंभा रोड टी-पॉइंट, जंतर-मंतर रोड और अशोक रोड के आसपास के चौराहे शामिल हैं। इसके अलावा रेल भवन गोल चक्कर, पटेल चौक, संसद मार्ग और जय सिंह रोड के आसपास भी यातायात व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। नई दिल्ली के महत्वपूर्ण सरकारी और प्रशासनिक क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही नियंत्रित किए जाने की संभावना है।
पुलिस की एडवाइजरी में रिंग रोड के कुछ हिस्सों, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोल चक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग क्रॉसिंग और भीकाजी कामा प्लेस के नीचे वाले मार्ग का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास भी यातायात प्रभावित हो सकता है। इन इलाकों से गुजरने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में यातायात बाधित होने का असर केवल निजी वाहनों तक सीमित नहीं रह सकता। बसों, टैक्सियों, कैब सेवाओं और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों को भी कुछ मार्गों पर देरी का सामना करना पड़ सकता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अस्पताल पहुंचने वाले लोगों के लिए समय पर निकलना महत्वपूर्ण होगा। रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से कहा है कि वे सड़क पर लगे संकेतों और मौके पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। किसी मार्ग पर बैरिकेडिंग या डायवर्जन मिलने पर जबरन आगे बढ़ने की कोशिश करने के बजाय निर्धारित वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना चाहिए। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों और यातायात संबंधी अपडेट की जांच करने की भी सलाह दी गई है।
विरोध प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली में राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार विपक्ष के आरोपों से सहमत नहीं हैं। इस मुद्दे पर जारी राजनीतिक टकराव के कारण राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
पुलिस की एडवाइजरी का उद्देश्य संभावित भीड़ और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के बीच यातायात को व्यवस्थित बनाए रखना है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश न करें, वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और यात्रा के दौरान पुलिस के निर्देशों का पालन करें। प्रदर्शन की स्थिति बदलने के साथ यातायात प्रतिबंधों में भी बदलाव हो सकता है।
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