Last updated: October 14th, 2026 at 03:12 pm

दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक नाइट क्लब के अंदर मामूली विवाद के बाद हुई कथित मारपीट ने गंभीर रूप ले लिया। इस घटना में 29 वर्षीय कैब ड्राइवर दलजीत की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में क्लब मैनेजर, उसकी पत्नी और तीन बाउंसरों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना टोर हाउस नाइट क्लब में हुई, जो अशोक पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद कैसे बढ़ा और मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, दलजीत 10 अक्टूबर की देर रात अपने पांच से छह दोस्तों के साथ नाइट क्लब में पार्टी करने गया था। वहां कथित तौर पर बीयर या कोई अन्य तरल पदार्थ क्लब मैनेजर की पत्नी पर गिर गया। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद क्लब के बाउंसरों को बुलाया गया और दलजीत तथा उसके दोस्तों के साथ मारपीट की गई। शुरुआती विवाद कुछ ही समय में हिंसक हो गया और स्थिति ऐसी बन गई कि वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने में भी परेशानी हुई।
दलजीत के दोस्तों ने आरोप लगाया कि उन्होंने माफी मांगकर विवाद समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद हमला जारी रहा। उनके मुताबिक, मारपीट के दौरान डंडों और कांच की बोतलों का इस्तेमाल भी किया गया। कुछ दोस्तों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें दोबारा अंदर खींचकर पीटा गया। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस क्लब में लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है।
घटना के दौरान दलजीत को गंभीर चोटें आईं। उसके दोस्तों के अनुसार, उसे जबड़े में फ्रैक्चर समेत कई चोटें लगी थीं। किसी तरह वे उसे क्लब से बाहर लेकर आए और उसके घर पहुंचाया। बाद में उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह घर के बाहर गिर पड़ा। परिवार और दोस्तों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दलजीत दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में रहता था और परिवार की आजीविका चलाने के लिए ड्राइवर का काम करता था।
दलजीत अपने पीछे पत्नी पूजा, आठ साल के बेटे और पिता को छोड़ गया है। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अब बच्चे के भविष्य और घर की आर्थिक जिम्मेदारियों को लेकर है। मीडिया रिपोर्टों में दलजीत के बेटे के पिता के वापस आने का इंतजार करने और परिवार के गहरे सदमे का जिक्र किया गया है। घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें क्लब मैनेजर, उसकी पत्नी और तीन बाउंसर शामिल हैं। जांच अधिकारियों ने क्लब का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर यानी DVR अपने कब्जे में लिया है, ताकि पूरी घटना की समयरेखा तैयार की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मारपीट में क्लब के अन्य कर्मचारी शामिल थे या नहीं। मृतक के दोस्तों ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान एक व्यक्ति ने हथियार भी दिखाया और उनके पैसे तथा मोबाइल फोन ले लिए गए। इन दावों की भी जांच की जा रही है।
मामले में क्लब के संचालन और देर रात तक खुले रहने की अनुमति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास आवश्यक लाइसेंस और अनुमतियां थीं या नहीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर परिवार की ओर से भी सवाल उठाए गए हैं। इन आरोपों की जांच की जा रही है और इस संबंध में आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर विवाद को संभालने के तरीके और सुरक्षा कर्मचारियों की जवाबदेही से भी जुड़ी है। किसी मामूली कहासुनी का हिंसा में बदल जाना गंभीर चिंता का विषय है। नाइट क्लब और अन्य मनोरंजन स्थलों पर काम करने वाले कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे तनावपूर्ण परिस्थितियों में कानून के अनुरूप व्यवहार करें और विवाद को शांत करने का प्रयास करें।
पुलिस की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा। दलजीत के परिवार को न्याय मिलने और घटना के सभी पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।
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