Last updated: October 15th, 2026 at 08:15 am

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। कांग्रेस की ओर से दीपके को राहुल गांधी के हाई-टी कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिए जाने की खबर है। हालांकि, अभिजीत दीपके इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने संगठन के समर्थन में आवाज उठाई थी। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। इसके बाद कांग्रेस की ओर से CJP नेताओं को विपक्ष के लिए आयोजित हाई-टी कार्यक्रम में आमंत्रित करने की पहल की गई।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस ने दीपके तक पहुंचने के लिए संपर्क की कोशिश की। इस प्रक्रिया में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से भी मध्यस्थता करने का आग्रह किया गया। हालांकि, उस समय दीपके महाराष्ट्र में थे, जबकि CJP के दोनों नेता पुलिस हिरासत में थे।
क्या राहुल गांधी का न्योता स्वीकार करेंगे अभिजीत दीपके?
फिलहाल अभिजीत दीपके ने राहुल गांधी के निमंत्रण पर कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। लेकिन इस घटनाक्रम ने SIR के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अलग-अलग राजनीतिक समूहों के बीच संभावित सहयोग को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
CJP का दावा रहा है कि उसके विरोध प्रदर्शनों में युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं। वहीं, हालिया प्रदर्शनों में भागीदारी को लेकर संगठन और उसके आंदोलन की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के साथ संभावित तालमेल CJP के लिए राजनीतिक रूप से कितना अहम होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकता है।
SIR के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता की कोशिश
राहुल गांधी लगातार SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी आवाज को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, CJP भी इस मुद्दे पर अपने स्तर पर प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में कांग्रेस का निमंत्रण दोनों पक्षों के बीच संवाद की संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, अभिजीत दीपके की ओर से निमंत्रण स्वीकार करने या कांग्रेस के साथ किसी औपचारिक राजनीतिक सहयोग की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि SIR के खिलाफ आंदोलन में दोनों पक्ष आगे साथ आते हैं या अपनी-अपनी रणनीति के तहत विरोध जारी रखते हैं।
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