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SIR और ज्ञानेश कुमार विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, राहुल गांधी-ओवैसी समेत विपक्ष की याचिकाओं पर टिकी नजरें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब सुप्रीम
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और असदुद्दीन ओवैसी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर आज सुनवाई प्रस्तावित है।

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    इन याचिकाओं में SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मामलों पर भी अदालत में सुनवाई होने की संभावना है।

    ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रद्द करने की मांग

    विपक्षी नेताओं ने अपनी याचिकाओं में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है। याचिकाओं में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों पर संवैधानिक सवाल उठाए गए हैं।

    AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR प्रक्रिया को चुनौती दी है। ऐसे में सुनवाई के दौरान मतदाता सूची में बदलाव और नागरिकों के मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की मांगों पर अदालत का अंतिम रुख सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मुद्दे पर भी नजर

    दिल्ली के जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाए जाने के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने इस कदम को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। इस मामले में सुनवाई होने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और प्रशासनिक प्रतिबंधों से जुड़े सवाल सामने आ सकते हैं।

    इसके अलावा 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई तथा मेट्रो और सड़कों को बंद किए जाने से संबंधित कथित अवमानना के मुद्दे भी अदालत के सामने उठाए गए हैं।

    सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम पर भी विवाद

    राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के दौरान परिसर में हुई नारेबाजी और हंगामे को लेकर भी याचिका दायर किए जाने की बात सामने आई है। दस्तक संगठन ने राहुल गांधी को खुला पत्र लिखकर इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए और सार्वजनिक माफी की मांग की है। यह संगठन की मांग है; इस संबंध में अदालत का कोई अंतिम निष्कर्ष सामने आने की जानकारी नहीं है।

    प्रमोद तिवारी ने जताया न्यायपालिका पर भरोसा

    सुनवाई से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि SIR के तहत 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं और इनमें बड़ी संख्या में वैध मतदाता भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संविधान और सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि अदालत मतदान के अधिकारों की रक्षा करने वाला फैसला देगी।

    तिवारी ने यह सवाल भी उठाया कि यदि अदालत बाद में प्रभावित मतदाताओं के पक्ष में फैसला देती है, तो जिन राज्यों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं, वहां हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी। उनके बयान के मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे को लोकतंत्र और मताधिकार से जोड़कर देख रहा है।

    अब अदालत के रुख पर टिकी निगाहें

    SIR, मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और प्रदर्शन स्थलों से जुड़े विवादों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। आज की सुनवाई में याचिकाओं पर अदालत क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। हालांकि, सुनवाई सूची में किसी मामले का शामिल होना अपने आप में याचिका स्वीकार होने या याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला आने का संकेत नहीं है।

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