Last updated: October 15th, 2026 at 08:48 am

यूट्यूबर ध्रुव राठी से जुड़े साल 2018 के आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत अदालत ने नया आदेश दिया है। कोर्ट ने ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित पते पर दोबारा समन भेजने का निर्देश दिया है। यह मामला विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे की शिकायत से जुड़ा है। अदालत ने शिकायतकर्ता को समन की तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति भी दी है। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।
गुरुग्राम के पते पर समन भेजने का निर्देश
साकेत कोर्ट ने शिकायतकर्ता की अर्जी पर सुनवाई करते हुए ध्रुव राठी के बताए गए गुरुग्राम स्थित पते पर नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया। अदालत के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि शिकायतकर्ता कई वर्षों से समन की तामील कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
कोर्ट ने समन जारी करने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक शुल्क दो दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश भी दिया है। शिकायतकर्ता को समन पहुंचाने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति मिलने से अब तामील की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
2018 में जारी हुआ था पहला समन
इस मामले में जुलाई 2019 में पहला समन जारी किया गया था। शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं, जिसके कारण समन पहुंचाने में देरी हुई। शिकायतकर्ता की ओर से अब दावा किया गया कि यूट्यूबर भारत में हैं और हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित आवास पर रह रहे हैं। इसी आधार पर नए पते पर समन भेजने की मांग की गई थी।
‘भाजपा आईटी सेल पार्ट-2’ वीडियो से जुड़ा है विवाद
यह मामला मई 2018 में ध्रुव राठी द्वारा प्रकाशित ‘भाजपा आईटी सेल पार्ट-2’ नामक वीडियो से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन का आरोप है कि वीडियो में उनके बारे में मानहानिकारक बातें कही गई थीं।
शिकायत के मुताबिक, वीडियो में भाजपा आईटी सेल से जुड़ी गतिविधियों और कथित तौर पर पैसे की पेशकश से संबंधित आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता ने इन दावों को अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। ये आरोप शिकायत का हिस्सा हैं; मामले में अदालत की कार्यवाही अभी जारी है।
अरविंद केजरीवाल का नाम भी आया था सामने
इस विवाद में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी जुड़ा था। उन्होंने ध्रुव राठी के वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने ध्रुव राठी और अरविंद केजरीवाल, दोनों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी।
फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष वीडियो साझा करने के लिए माफी मांगी थी। वहीं, ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई जारी है। अब साकेत कोर्ट के ताजा आदेश के बाद गुरुग्राम के पते पर समन की तामील की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को निर्धारित है।
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