Last updated: October 15th, 2026 at 08:51 am

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के रामलीला कार्यक्रम में दिए गए भाषण के एक कथित अंश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने इस अंश को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। विवाद तब बढ़ा, जब AAP नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर भाषण का वीडियो साझा किया। हालांकि, सामने आए अंश के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच पूरे भाषण का संदर्भ और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया भी अहम है।
वीडियो के अंश को लेकर विपक्ष का हमला
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 13 अक्टूबर को दिल्ली के आजादपुर स्थित केवल पार्क में आयोजित रामलीला में शामिल हुई थीं। इसी कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके भाषण का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर सामने आया। वायरल अंश में मुख्यमंत्री के हवाले से कथित तौर पर ‘हर एक राम को मारना होगा’ जैसे शब्द सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
इस अंश को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, बयान का पूरा संदर्भ सामने आए बिना उसके आशय को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
AAP ने धार्मिक भावनाओं का मुद्दा उठाया
आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के कथित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने वीडियो साझा कर मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल उठाए और भाजपा की विचारधारा को लेकर भी निशाना साधा।
कांग्रेस ने भी भाजपा को घेरा
कांग्रेस नेता प्रियंका कक्कड़ ने इस मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “रेखा गुप्ता राम को मार रही हैं, मोदी जी ने पहले ही रामराज्य को मार दिया है।” कांग्रेस ने इस बयान के जरिए भाजपा पर राजनीतिक हमला बोला। इस तरह रामलीला के भाषण के एक कथित अंश को लेकर दिल्ली में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
भाजपा और मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण का इंतजार
खबर लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस विवाद पर भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और मुख्यमंत्री की तरफ से बयान के संदर्भ में स्पष्टीकरण सामने नहीं आया था। ऐसे में पूरे भाषण को देखना और संबंधित पक्षों का जवाब जानना महत्वपूर्ण है, ताकि वायरल अंश के वास्तविक आशय को समझा जा सके।
पहले भी बयानों को लेकर हुई थी चर्चा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुछ पुराने बयानों को लेकर भी राजनीतिक बहस हुई थी। जनवरी 2026 में दिल्ली विधानसभा में भगत सिंह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कथित तौर पर ‘ब्रिटिश सरकार’ की जगह ‘कांग्रेस सरकार’ कहा था। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ब्रिटिश सरकार कहना चाहती थीं, लेकिन गलती से कांग्रेस सरकार बोल गईं।
दिसंबर 2025 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के उच्चारण को लेकर उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। इसके अलावा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते समय हुई कथित गलती को लेकर भी उनकी आलोचना हुई थी।
पूरे भाषण से स्पष्ट होगा विवाद का संदर्भ
फिलहाल, आजादपुर की रामलीला में दिए गए भाषण के वायरल अंश ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। AAP और कांग्रेस मुख्यमंत्री को घेर रही हैं, जबकि बयान के पूरे संदर्भ और आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। आगे इस मामले में मुख्यमंत्री या भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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