Last updated: October 15th, 2026 at 03:39 pm

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में शिव मंदिर के 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। यह वारदात मंगलवार, 13 अक्टूबर की देर शाम भौराकलां थाना क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज परिसर स्थित शिव मंदिर में हुई। स्वामी देवानंद भारती भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे और लंबे समय से मंदिर में पुजारी के रूप में रह रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो हमलावर मोटरसाइकिल से मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने पहले पुजारी को आवाज देकर बाहर बुलाया। जैसे ही स्वामी देवानंद भारती बाहर आए, हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए। घटना के समय पास में तैनात प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के एक जवान ने गोली चलने की आवाज सुनी। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही भौराकलां थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया, जिन्होंने वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस को घटनास्थल से गोली से संबंधित साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की दिशा तय करने के लिए संबंधित टीमों को आवश्यक निर्देश दिए।
सहारनपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह और मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसी आशंका सामने आई है कि हमलावर पुजारी को पहले से जानते हो सकते हैं। जिस तरह आरोपियों ने मंदिर पहुंचकर उन्हें आवाज दी और फिर गोली चलाई, उससे परिचित होने की संभावना की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
हत्याकांड का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सर्विलांस यूनिट और भौराकलां थाना पुलिस की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस आसपास के इलाकों में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों, संभावित प्रत्यक्षदर्शियों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांचकर्ताओं के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती हमलावरों की पहचान करना और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना है।
स्वामी देवानंद भारती मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के निवासी बताए गए हैं। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने धार्मिक जीवन अपनाया और मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा करने लगे। स्थानीय स्तर पर वह लंबे समय से मंदिर से जुड़े हुए थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। एक बुजुर्ग धार्मिक सेवक की इस तरह हत्या किए जाने से मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस फिलहाल हत्या के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा करने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। किसी पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या अन्य संभावित कारण को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए हत्या के मकसद के बारे में किसी भी दावे को जांच पूरी होने से पहले सही मानना उचित नहीं होगा।
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