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UP Panchayat Election 2027: पंचायत चुनाव पर फिर फंसेगा पेच? सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में प्रधानों का संगठन

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर कानूनी विवाद बढ़ने के आसार हैं। ग्राम प्रधानों का संगठन हाईकोर्ट के उस
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर कानूनी विवाद बढ़ने के आसार हैं। ग्राम प्रधानों का संगठन हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है, जिसमें तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की प्रक्रिया पूरी किए बिना और मतदाता सूची की गड़बड़ियां दूर किए बिना चुनाव कराना उचित नहीं होगा।

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    राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह ने दावा किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में तीन महीने के भीतर चुनाव कराना मुश्किल है। उनके मुताबिक, पंचायत चुनाव अप्रैल 2027 से पहले होने की संभावना कम है। हालांकि, चुनाव की तारीख को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

     हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

    डॉ. अखिलेश सिंह के अनुसार, संगठन हाईकोर्ट के फैसले के एक हिस्से से सहमत है। चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने के फैसले का उन्होंने समर्थन किया है। लेकिन तीन महीने के भीतर चुनाव कराने की समयसीमा पर संगठन को आपत्ति है।

    इसी समयसीमा को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। अब इस मामले में आगे की स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई और संगठन की कानूनी कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

     OBC आरक्षण और वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल

    ग्राम प्रधान संगठन का कहना है कि पंचायत चुनाव से पहले OBC आरक्षण की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी होनी चाहिए। डॉ. अखिलेश सिंह के मुताबिक, प्रदेश के सभी 75 जिलों में चुनाव से संबंधित तैयारियां पूरी करना जरूरी है।

    संगठन ने पंचायत और विधानसभा चुनावों की मतदाता सूचियों में विसंगतियां होने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि मतदाता सूची की गलतियों को दूर किए बिना जल्दबाजी में चुनाव कराने से समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

    इन मांगों के चलते पंचायत चुनाव की तैयारियों और निर्धारित समयसीमा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि, आरक्षण और मतदाता सूची से जुड़े संगठन के दावों पर संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

     अप्रैल 2027 से पहले चुनाव मुश्किल होने का दावा

    राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष ने अनुमान जताया है कि मौजूदा प्रक्रियाओं को देखते हुए अप्रैल 2027 से पहले पंचायत चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है। यह संगठन का दावा है, चुनाव आयोग की घोषित अंतिम समयसीमा नहीं।

    उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के कार्यक्रम को लेकर विधानसभा चुनाव की संभावित समय-सारिणी पर भी चर्चा हो रही है। फरवरी और मार्च में आमतौर पर बोर्ड परीक्षाएं होती हैं। यदि विधानसभा चुनाव भी इसी अवधि में आयोजित होते हैं, तो पंचायत चुनाव की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    फिलहाल पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट में संभावित याचिका, आरक्षण प्रक्रिया और मतदाता सूची में सुधार की तैयारियों पर टिकी हैं।

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