Last updated: October 16th, 2026 at 07:28 pm

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों की अनदेखी और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो गन्ना किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अलग फंड बनाया जाएगा। अखिलेश यादव ने इस वादे को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने की बात भी कही।
गन्ना किसानों के लिए अलग फंड बनाने का ऐलान
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन उनके मुताबिक महंगाई बढ़ने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा और सरकार ने उनसे किए गए वादे पूरे नहीं किए।
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों को गन्ने का भुगतान 24 घंटे के भीतर दिलाने के लिए अलग फंड बनाने पर काम करेगी। इसके अलावा किसानों को बिजली, खाद और सिंचाई के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का भी वादा किया।
इथेनॉल के मुनाफे को लेकर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने इथेनॉल कारोबार से होने वाले मुनाफे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि इस कारोबार से होने वाले लाभ का फायदा किसे मिल रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों के हित में फैसले लेने की दिशा में काम करेगी।
बैंकिंग क्षेत्र का जिक्र करते हुए भी उन्होंने भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने बैंकों को लेकर सरकार की नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है।
चुनावी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने फर्रुखाबाद और मेरठ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां अधिकारियों ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया। उनका दावा था कि यदि कथित अनियमितताएं नहीं हुई होतीं, तो समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र मिल सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के चुनाव में पिछड़ने की स्थिति में गड़बड़ियां की जाती हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति और राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने मतदाता सूची को लेकर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि विपक्षी दल इसी तरह की समस्याओं के खिलाफ संवैधानिक संस्थाओं को ज्ञापन देना चाहते हैं।
भाजपा पर हिटलर से सीखने का आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर विपक्ष के खिलाफ अन्याय और अत्याचार करने का आरोप लगाते हुए उसकी तुलना हिटलर की कार्यशैली से की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के सामने अपनी मांगें रख रहा है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा के खिलाफ जनता में नाराजगी बढ़ रही है और आने वाले समय में मतदाता इसका जवाब देंगे। उनके बयान के साथ किसानों के भुगतान, आर्थिक नीतियों, मतदाता सूची और चुनावी निष्पक्षता जैसे मुद्दे एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और किसानों से जुड़े आरोपों को लेकर अखिलेश यादव ने अपने राजनीतिक पक्ष से बातें रखीं; इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
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