Last updated: October 17th, 2026 at 01:38 pm

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार, 17 अक्टूबर को अलीगढ़ दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। डीएस डिग्री कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी का पक्ष रखा और सपा की राजनीति पर सवाल उठाए। उनके बयान ऐसे समय में आए हैं, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों और जनसंपर्क गतिविधियों को तेज कर रहे हैं।
शिक्षक सम्मेलन में ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले एमएलसी चुनाव को सेमीफाइनल के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके इस बयान को प्रदेश में आगामी चुनावी मुकाबले की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के बीच अपनी बात रखते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा और भाजपा के राजनीतिक दृष्टिकोण का समर्थन किया।
समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए उपमुख्यमंत्री ने उसके पूर्ववर्ती शासनकाल को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने सपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस समय उसका नारा था, “जो हो खाली प्लॉट, वह हमारा।” यह टिप्पणी उन्होंने जमीनों पर कथित कब्जों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर की। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और इन्हें संबंधित मामलों के स्वतंत्र प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अब अपने नाम पर चुनाव लड़ने से डर रही है और इसलिए पीडीए के नाम का इस्तेमाल कर रही है। पीडीए का उल्लेख करते हुए उन्होंने विपक्ष की सामाजिक और राजनीतिक लामबंदी की रणनीति पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी अपनी राजनीति में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देती रही है। ऐसे में इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के रूप में देखा जा रहा है।
अलीगढ़ में आयोजित यह सम्मेलन केवल शिक्षकों से संवाद का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसमें चुनावी राजनीति भी प्रमुख रूप से सामने आई। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्ष की भूमिका पर अपनी बात रखी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में शिक्षक सम्मेलन के दौरान किसी बड़ी नई शैक्षिक योजना या शिक्षकों से जुड़ी विशिष्ट नीति की घोषणा का उल्लेख नहीं है।
ब्रजेश पाठक का अलीगढ़ दौरा स्वास्थ्य सेवाओं के निरीक्षण से भी जुड़ा था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वह मलखान सिंह जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्हें अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेना था। इसके बाद उन्होंने डीएस डिग्री कॉलेज के ऑडिटोरियम में शिक्षक सम्मेलन में हिस्सा लिया। उनके दौरे को देखते हुए अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और मरम्मत से जुड़े कार्य भी कराए गए थे।
अस्पताल में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारियों को लेकर भी चर्चा रही। दौरे से पहले परिसर की दीवारों की पुताई, स्ट्रेचर की रंगाई और कुछ स्थानों पर मरम्मत का काम किए जाने की खबरें सामने आईं। इससे यह सवाल भी उठता है कि सरकारी अस्पतालों में नियमित रखरखाव और साफ-सफाई की व्यवस्था कितनी प्रभावी है और क्या ऐसी तैयारियां केवल वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे के समय ही तेज होती हैं। हालांकि, अस्पताल निरीक्षण के अंतिम निष्कर्षों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बयान और कार्यक्रम आगामी मुकाबले की दिशा का संकेत दे रहे हैं। ब्रजेश पाठक के अलीगढ़ में दिए गए बयान से स्पष्ट है कि भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आने वाले महीनों में और तेज हो सकते हैं। एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव से पहले अहम मुकाबला बताकर उन्होंने पार्टी समर्थकों के सामने चुनावी तैयारी का संदेश भी रखा।
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