Last updated: October 20th, 2026 at 03:43 pm

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 11 दिनों से फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को भी हिरासत में लिया गया है। तीनों की गिरफ्तारी में नागपुर पुलिस ने भी सहयोग किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की तलाश के लिए कई शहरों में अभियान चलाया गया था।
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। वह कैफे और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े थे। घटना के समय श्रद्धा दुबे भी उसी फ्लैट में रहती थी। शुरुआत में इस घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया, लेकिन बाद में शिवा की मां रंजना शर्मा ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस ने जांच शुरू की।
शिवा की मां की शिकायत के आधार पर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, ड्राइवर और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि शिवा को प्रताड़ित किया गया था और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही होगी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले फ्लैट में क्या हुआ था और शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद श्रद्धा दुबे और उसके साथियों की तलाश तेज कर दी गई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। जांच के दौरान उनकी गतिविधियों के संकेत लखनऊ, नेपाल सीमा के आसपास के क्षेत्रों, आगरा और अन्य स्थानों से मिले। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर उनकी तलाश जारी रखी।
जांच में नागपुर पुलिस की भूमिका भी अहम रही। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने ई-रिक्शा से जुड़े सुराग और आसपास लगे लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। इन सुरागों की मदद से पुलिस उस अपार्टमेंट तक पहुंची, जहां तीनों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों पर गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
इस बीच श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से खुद को निर्दोष बताया था। उसका दावा था कि शिवा शर्मा ने आत्महत्या की थी। उसने यह भी कहा था कि शिवा आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। दूसरी ओर, शिवा के परिवार ने उसकी मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस के लिए घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना महत्वपूर्ण है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि पूछताछ से फरारी के दौरान उनके ठिकानों, यात्रा के रास्तों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी मिल सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें छिपने या गिरफ्तारी से बचने में मदद की थी।
इस मामले में गिरफ्तारी को जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, केवल गिरफ्तारी के आधार पर किसी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मामले में आरोपों की पुष्टि, साक्ष्यों का परीक्षण और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। शिवा शर्मा के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, जबकि पुलिस की प्राथमिकता मौत की परिस्थितियों का स्पष्ट पता लगाना और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करना है।
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