Last updated: October 21st, 2026 at 10:07 am

महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जिक्र करते हुए फडणवीस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि बिश्नोई गैंग से जुड़े लोग महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में बैठे हैं। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य यहां उपलब्ध नहीं है।
संजय राउत ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र के मंत्री गुलाबराव पाटील के उस कथित बयान के संदर्भ में की, जिसमें एकनाथ शिंदे को दोबारा मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग का जिक्र किया गया था। राउत के मुताबिक, पाटील ने कहा था कि अगर कोई एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के रास्ते में आता है, तो उसे खत्म कर दिया जाएगा।
इस कथित बयान को आधार बनाते हुए राउत ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ऐसे बयानों पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि फडणवीस राज्य के मुख्यमंत्री होने के साथ गृह विभाग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं, इसलिए उन्हें इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। राउत ने इसी संदर्भ में बिश्नोई गैंग का नाम लेते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
शाइना एनसी ने संजय राउत के आरोपों पर उठाए सवाल
संजय राउत के बयान पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने पलटवार किया। उन्होंने राउत के आरोपों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर बिश्नोई गैंग को बीजेपी का समर्थन हासिल है, तो अभिनेता सलमान खान को सुरक्षा किसने दी? उन्होंने टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले और मुंबई पुलिस की भूमिका का भी उल्लेख किया।
शाइना एनसी ने कहा कि लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद है और जेल की व्यवस्था संबंधित प्रशासन तथा न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि यदि राउत के आरोपों के अनुसार सभी संस्थानों को बीजेपी नियंत्रित करती है, तो क्या अदालतें भी उसी के नियंत्रण में हैं?
महाराष्ट्र की सियासत में बढ़ी बयानबाजी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लेकर बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा और महाराष्ट्र की राजनीति के बीच यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब राज्य में सत्ता और नेतृत्व को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। संजय राउत ने फडणवीस सरकार से जवाब मांगा है, जबकि शाइना एनसी ने उनके आरोपों को सवालों के घेरे में खड़ा किया है।
फिलहाल, इस पूरे विवाद में गुलाबराव पाटील के कथित बयान और बिश्नोई गैंग से मंत्रिमंडल के सदस्यों को जोड़ने संबंधी आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
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