Last updated: October 22nd, 2026 at 03:34 pm

उत्तर प्रदेश की तीरंदाज स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। महिला W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वाति ने फाइनल तक का सफर तय किया और भारत के लिए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी और इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। स्वाति की सफलता ने एक बार फिर दिखाया है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और निरंतर अभ्यास से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
22 अक्टूबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में स्वाति चौधरी का सामना चीन की तीरंदाज सेन मेंगकान से हुआ। मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए अच्छी रही। स्वाति ने शुरुआती सेट में बढ़त बनाई और एक समय मुकाबले में 4-2 से आगे हो गईं। इस स्थिति में उनके स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें मजबूत दिखाई दे रही थीं। हालांकि, चीनी खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए लगातार बेहतर निशाने लगाए और मुकाबले का रुख बदल दिया।
फाइनल के निर्णायक चरणों में स्वाति को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। सेन मेंगकान ने चौथे सेट में बेहतरीन निशाने लगाकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद अंतिम सेट में भी उन्होंने अपनी सटीकता बनाए रखी और 6-4 के अंतर से जीत हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। स्वाति को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन उनका प्रदर्शन भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया।
स्वाति चौधरी की इस सफलता को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने एशियन पैरा गेम्स की महिला W1 स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक पदक दिलाया। इस वर्ग में खिलाड़ी शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद कठिन तकनीकी परिस्थितियों में निशाना साधते हैं। तीरंदाजी में स्थिरता, एकाग्रता, शरीर पर नियंत्रण और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचना खिलाड़ी की मेहनत और तैयारी को दर्शाता है।
स्वाति की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रदेश सरकार की ओर से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे प्रयासों का उद्देश्य छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकें।
उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों, खेल संस्थानों और प्रतिभा पहचान कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों को सही समय पर प्रशिक्षण, उपकरण, आर्थिक सहायता और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिले, तो वे बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। पैरा खिलाड़ियों के लिए यह सहयोग और भी अहम है, क्योंकि उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार विशेष प्रशिक्षण और सुविधाओं की आवश्यकता हो सकती है।
स्वाति चौधरी की जीत उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। उनका प्रदर्शन बताता है कि किसी भी खिलाड़ी की पहचान उसकी मेहनत, कौशल और उपलब्धियों से होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि देश में पैरा खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी अवसर है।
एशियन पैरा गेम्स में स्वाति का रजत पदक भारत की तीरंदाजी टीम के लिए भी अहम उपलब्धि है। फाइनल में स्वर्ण पदक से चूकने के बावजूद उन्होंने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाया और प्रतियोगिता में अपनी क्षमता साबित की। अब उनकी इस सफलता से उत्तर प्रदेश में पैरा खेलों को प्रोत्साहन मिलने और उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
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