Last updated: October 24th, 2026 at 04:31 pm

दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक में पर्व-त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
छठ घाटों पर NDRF और गोताखोरों की तैनाती
छठ महापर्व को देखते हुए रांची के प्रमुख तालाबों और घाटों की सफाई, रोशनी और पहुंच मार्गों को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों को घाटों का निरीक्षण कर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत जरूरत के अनुसार क्रेन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा घाटों पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बांस की बैरिकेडिंग कर सुरक्षित गहराई निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छठ घाटों पर तैराकी पर प्रतिबंध
प्रशासन ने छठ घाटों पर स्विमिंग यानी तैराकी पूरी तरह प्रतिबंधित रखने का निर्देश दिया है। घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और साफ-सफाई भी समय रहते पूरी कराई जाएगी, ताकि छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन का जोर भीड़ नियंत्रण और जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
दीपावली-काली पूजा पर पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर नजर
दीपावली और काली पूजा के दौरान प्रतिबंधित और असुरक्षित पटाखों की बिक्री तथा इस्तेमाल पर निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए रात 10 बजे के बाद शोर-शराबे पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया है। संबंधित अधिकारियों को नियमों का पालन कराने और उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूजा पंडालों में बिजली और अग्निशमन सुरक्षा जरूरी
पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा और अग्निशमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के दौरान भी निर्धारित नियमों का पालन कराना होगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सकें।
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