Last updated: October 25th, 2026 at 10:57 am

मोकामा विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 24 अक्टूबर को पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित करने का फैसला लिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात चर्चा में आ गई है। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री आवास पर करीब 30 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। हालांकि, इस मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है।
अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद CM हाउस में मुलाकात
अनंत सिंह पर जेडीयू की कार्रवाई के बाद ललन सिंह का मुख्यमंत्री आवास पहुंचना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बातचीत में अनंत सिंह प्रकरण और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि, इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि मुलाकात में किन मुद्दों पर बातचीत हुई।
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या जेडीयू और सरकार अनंत सिंह के मामले में आगे कोई कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं या यह बैठक मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए हुई थी।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद से बढ़ी थी परेशानी
अनंत सिंह और जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार के बीच विवाद पिछले कुछ समय से चर्चा में था। दोनों के बीच बयानबाजी के बीच पार्टी नेतृत्व के सामने भी स्थिति को संभालने की चुनौती थी।
जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने पहले कहा था कि विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी ललन सिंह को दी गई है। उनके मुताबिक, ललन सिंह इलाके की राजनीति और स्थानीय परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हैं।
ललन सिंह ने कार्रवाई पर उठाए थे सवाल
विवाद के दौरान ललन सिंह के बयान भी चर्चा में आए थे। खबरों के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि यदि अनंत सिंह पर कार्रवाई होती है, तो नीरज कुमार पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले में पार्टी से चूक होने की बात भी कही थी।
इसके बाद 24 अक्टूबर को जेडीयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी के निष्कासन का फैसला लिया। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर विवाद को संभालने की कोशिश से मामला अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया।
क्या अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर भी होगा फैसला?
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चा हो रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा विधानसभा अध्यक्ष से किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, किसी अनुशंसा और सदस्यता समाप्त होने के अंतिम फैसले में अंतर है। आधिकारिक आदेश के बिना उनकी सदस्यता समाप्त होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
अब यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या ललन सिंह और सम्राट चौधरी की मुलाकात में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। फिलहाल, बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अब आगे क्या होगी JDU की रणनीति?
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद जेडीयू के सामने मोकामा में अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर कई सवाल हैं। पार्टी वहां संगठन को मजबूत करने के लिए किसे आगे करेगी और अनंत सिंह के अगले कदम का क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकता है।
ललन सिंह और सम्राट चौधरी की मुलाकात ने इन सवालों को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, किसी नई रणनीति या अगले फैसले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अब नजर जेडीयू के अगले कदम और मोकामा की राजनीति में होने वाले बदलावों पर रहेगी।
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