Last updated: October 25th, 2026 at 11:00 am

जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के जाने के बाद पार्टी में ऐसे लोग बचे हैं, जो अलग-अलग तरीकों से पार्टी में आए हैं। अनंत सिंह के इस बयान को निष्कासन के बाद उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब नीतीश कुमार को ही पूरी जानकारी नहीं है, तो उनके नाम पर फैसले कैसे लिए जा रहे हैं।
‘मैं सिर्फ नीतीश कुमार को जानता हूं’
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने जेडीयू के मौजूदा हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ नीतीश कुमार को जानते हैं और पार्टी में बाकी कौन नेता है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। अनंत सिंह ने कहा कि उनके लिए जनता ही पार्टी है, जनता ही भगवान है और जनता ही मालिक है। अब जनता ही तय करेगी कि कौन सही है और कौन गलत।
पार्टी में किस नेता का प्रभाव है, इस सवाल पर भी अनंत सिंह ने किसी का नाम लेने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरे नेताओं से कोई मतलब नहीं है और उनका भरोसा सिर्फ जनता पर है।
ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात पर क्या बोले?
ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात से जुड़े वायरल वीडियो पर जब अनंत सिंह से सवाल किया गया कि क्या इस मुलाकात के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई हुई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कौन किससे मिल रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके खिलाफ कार्रवाई नीतीश कुमार की मर्जी से हुई, तो अनंत सिंह ने कहा, “मैं तो पहले ही कह रहा था कि नीतीश कुमार अब उस अवस्था में नहीं हैं कि फैसला कर सकें।” उन्होंने आगे नीतीश कुमार की स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की। उनके इस बयान से राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है। हालांकि, यह अनंत सिंह का दावा है; कार्रवाई के फैसले में नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं है।
सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
अनंत सिंह ने अपनी राजनीतिक ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने दम पर चुनाव जीतते रहे हैं और उन्हें वोट दिलाने के लिए किसी नेता को उनके क्षेत्र में जाने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने दावा किया कि जब बहुमत का संकट था और सरकार गिरने की स्थिति बन रही थी, तब उन्होंने सरकार बचाने में भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर भी अनंत सिंह ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी कसम खाकर बताएं कि उनकी सरकार किसने बचाई थी। उनके इन बयानों के जरिए अनंत सिंह ने अपने राजनीतिक योगदान का दावा किया और पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए।
‘जेडीयू के लिए बहुत कुछ किया’
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने जेडीयू के लिए बहुत कुछ किया और पार्टी के लिए उन्हें गद्दारी तक करनी पड़ी। इसके बावजूद आज उनके साथ न्याय करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो हो रहा है, उसका फैसला जनता करेगी।
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद पार्टी के साथ उनका टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि वह फिलहाल अपने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
‘25 महीने में सबको पता चल जाएगा’
पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अनंत सिंह ने अपने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 25 महीने में सबको पता चल जाएगा कि उन्हें जेडीयू से निकालने का फैसला कितना भारी पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बयान के जरिए आगे की अपनी रणनीति का पूरा खुलासा नहीं किया।
अब सवाल यह है कि निष्कासन के बाद अनंत सिंह आगे क्या कदम उठाएंगे और जेडीयू मोकामा में अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए क्या रणनीति अपनाएगी। फिलहाल, अनंत सिंह के बयानों और पार्टी के अगले फैसलों पर सबकी नजर है।
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