Last updated: October 30th, 2026 at 12:54 pm

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता एन बीरेन सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि राज्य के कुछ बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलकर उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाने की साजिश रची थी। बीरेन सिंह ने यह भी कहा कि मणिपुर की जनता उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह की सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं।
PTI को दिए एक इंटरव्यू में बीरेन सिंह ने कहा कि बीजेपी को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जनता का खोया हुआ भरोसा वापस पाने के लिए तुरंत काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी सरकार के कामकाज और प्रमुख योजनाओं को जनता के सामने रखना होगा।
‘कुछ नेताओं ने कांग्रेस के साथ मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रची’
एन बीरेन सिंह ने आरोप लगाया कि 2017 से ही उनके साथ पार्टी में अच्छा व्यवहार नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली के नेतृत्व पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, बल्कि राज्य के कुछ नेताओं पर आरोप लगा रहा हूं, जिन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रची।”
उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायक यह स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि कांग्रेस से बीजेपी में आने के बाद वह दो बार मुख्यमंत्री कैसे बन गए। बीरेन सिंह के मुताबिक, कुछ नेता बीजेपी को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं। इसी वजह से उनके खिलाफ योजना बनाई गई और उनसे इस्तीफा दिलवाया गया।
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी क्यों नहीं रुकी हिंसा?
बीरेन सिंह ने फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। अब उन्होंने सवाल उठाया है कि उनके पद छोड़ने के बाद भी मणिपुर में हिंसा क्यों जारी रही और यह दूसरे समुदायों तक कैसे फैल गई।
उन्होंने मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्हें बहुसंख्यक समुदाय का पक्ष लेने के आरोप में हटाया गया था, तो उनके जाने के बाद भी हिंसा क्यों नहीं रुकी? उन्होंने नागा और कुकी समुदायों से जुड़ी हिंसा का भी उल्लेख किया।
खेमचंद सरकार के कामकाज पर उठाए सवाल
मणिपुर में फिलहाल मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार है। बीरेन सिंह ने मौजूदा सरकार के कामकाज पर असंतोष जताते हुए कहा कि पार्टी अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान और अफीम की खेती पर रोक लगाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इन अभियानों को जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने संदिग्ध अवैध प्रवासियों की बायोमेट्रिक पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें कैंपों में रखने की भी बात कही।
बीरेन सिंह ने कहा कि बीजेपी को अपने पुराने अभियानों को आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि मणिपुर के भविष्य को सुरक्षित रखना जरूरी है।
यूरोपीय संसद के प्रस्ताव पर भी जताई नाराजगी
बीरेन सिंह ने जुलाई 2023 में यूरोपीय संसद की ओर से मणिपुर में जातीय हिंसा पर पारित प्रस्ताव को लेकर भी नाराजगी जताई। उस प्रस्ताव में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, हिंसा समाप्त करने और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई थी।
उन्होंने यूरोपीय संसद के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि मणिपुर की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह प्रतिक्रिया दी गई, वह उचित नहीं थी।
‘जनता मुझे फिर मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है’
दोबारा मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर एन बीरेन सिंह ने कहा कि इस बारे में फैसला चुनाव में बहुमत मिलने के बाद ही हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि जनता की ओर से उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठ रही है।
बीरेन सिंह ने उम्मीद जताई कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व मणिपुर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को मतदाताओं तक पहुंचकर यह भरोसा दिलाना होगा कि उसके पास राज्य के भविष्य के लिए स्पष्ट योजना है।
उनके इन बयानों के बाद मणिपुर बीजेपी के भीतर नेतृत्व और सरकार के कामकाज को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
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