Last updated: October 30th, 2026 at 05:36 pm

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और ईदगाह से विधायक मुबारक गुल को मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिलने पर पार्टी के भीतर नाराजगी सामने आने लगी है। श्रीनगर के प्रेस एन्क्लेव में मुबारक गुल के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और पार्टी नेतृत्व से उन्हें कैबिनेट में शामिल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर 2 नवंबर तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो इसके बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने मुबारक गुल को ईदगाह का गौरव बताते हुए कहा कि वह ईमानदार और निष्ठावान नेता हैं। मुश्किल राजनीतिक दौर में भी उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस का साथ नहीं छोड़ा। ऐसे में उन्हें मंत्रिपरिषद में जगह नहीं दिया जाना ईदगाह के लोगों के साथ अन्याय है।
‘1984 में भी पार्टी के साथ खड़े रहे मुबारक गुल’
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुबारक गुल लंबे समय से नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रति वफादार रहे हैं। उन्होंने 1984 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब गुलाम मोहम्मद शाह ने फारूक अब्दुल्ला की सरकार गिराई थी, तब भी मुबारक गुल ने पार्टी नहीं छोड़ी थी।
समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व से अपील की कि उनके लंबे राजनीतिक योगदान और निष्ठा को देखते हुए उन्हें मंत्रिपरिषद में शामिल किया जाए।
कैबिनेट विस्तार में चार विधायकों को मिली जगह
यह विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कैबिनेट विस्तार के बाद हुआ है। मंगलवार को हुए विस्तार में चार विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया, लेकिन छह बार के विधायक और वरिष्ठ नेता मुबारक गुल को जगह नहीं मिली।
इसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्यालय नवा-ए-सुभ कॉम्प्लेक्स में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यहां समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए गुल को मंत्री नहीं बनाए जाने के फैसले पर सवाल उठाए। खबरों के मुताबिक, समर्थकों ने नेतृत्व को अपनी मांग पूरी करने के लिए दो दिन का समय दिया है।
फारूक अब्दुल्ला ने बनाया पार्टी का महासचिव
मुबारक गुल छह विधानसभा चुनावों में ईदगाह क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इससे पहले भी वह कई बार कैबिनेट में जगह नहीं मिलने पर अपनी निराशा जता चुके हैं।
कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने उन्हें पार्टी संगठन का महासचिव नियुक्त किया है। हालांकि, इस नियुक्ति से उनके सभी समर्थक संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि गुल को संगठन में पद देने के बजाय सरकार में मंत्री बनाया जाए।
कैबिनेट में अब जगह बनाना आसान नहीं
मुबारक गुल के समर्थकों की मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब मुख्यमंत्री समेत मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या अधिकतम सीमा नौ तक पहुंच चुकी है। ऐसे में किसी नए सदस्य को शामिल करने के लिए कैबिनेट के मौजूदा ढांचे में बदलाव करना होगा।
फिलहाल देखना होगा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व समर्थकों की नाराजगी को कैसे संभालता है और क्या मुबारक गुल को मंत्रिपरिषद में शामिल करने को लेकर कोई फैसला लिया जाता है।
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