Last updated: November 3rd, 2026 at 01:21 pm

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए सेंट-अप परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इंटरमीडिएट की सेंट-अप परीक्षाएं 19 नवंबर से 28 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी। वहीं, मैट्रिक की सेंट-अप परीक्षाएं 23 नवंबर से 27 नवंबर 2026 तक होंगी। परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद राज्य के लाखों विद्यार्थियों को अपनी तैयारी और विषयवार पढ़ाई की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर दोनों कक्षाओं के लिए थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तारीखें भी निर्धारित की हैं। इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 30 नवंबर से 2 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएंगी। दूसरी ओर, मैट्रिक के विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षा 28 नवंबर 2026 को होगी। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल और कॉलेज से विषयवार परीक्षा कार्यक्रम तथा अन्य जरूरी निर्देशों की जानकारी प्राप्त करते रहें।
बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और उत्तर पुस्तिका से संबंधित आवश्यक जानकारी भरने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना विद्यार्थियों के लिए जरूरी होगा।
सेंट-अप परीक्षा को मुख्य बोर्ड परीक्षा से पहले होने वाली महत्वपूर्ण परीक्षा माना जाता है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का आकलन किया जाता है और यह देखा जाता है कि वे वार्षिक परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक शैक्षणिक स्तर तक पहुंचे हैं या नहीं। इस परीक्षा में शामिल होने से विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों को समझने और मुख्य परीक्षा से पहले उनमें सुधार करने का अवसर मिलता है।
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सेंट-अप परीक्षा में अनुपस्थित रहने या परीक्षा में सफल नहीं होने वाले नियमित विद्यार्थियों को 2027 की वार्षिक मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इसलिए विद्यार्थियों के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा में शामिल होना और इसे सफलतापूर्वक पास करना अनिवार्य है। हालांकि, पूर्ववर्ती, कम्पार्टमेंटल और इम्प्रूवमेंट श्रेणी के विद्यार्थियों को सेंट-अप परीक्षा में शामिल होने से छूट दी गई है।
परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद स्कूलों और कॉलेजों को भी विद्यार्थियों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवार तारीखों, परीक्षा की पाली और प्रैक्टिकल परीक्षा से जुड़े निर्देशों की जानकारी मिलेगी। किसी विषय की परीक्षा किस दिन और किस पाली में होगी, इसकी पुष्टि विद्यार्थियों को अपने संस्थान से जारी विस्तृत समय-सारणी के आधार पर करनी चाहिए।
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अब समय काफी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्हें बचे हुए दिनों में पाठ्यक्रम का नियमित रिवीजन करना चाहिए और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करना चाहिए। खासकर उन विषयों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है जिनमें विद्यार्थियों को कठिनाई होती है। सेंट-अप परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने से न केवल मुख्य परीक्षा के लिए पात्रता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का वास्तविक स्तर समझने का मौका भी मिलेगा।
बिहार बोर्ड की इस घोषणा के बाद मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई की रणनीति अंतिम रूप देने की जरूरत है। विद्यार्थियों को अफवाहों या अनधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने के बजाय अपने स्कूल-कॉलेज और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आधिकारिक सूचनाओं से ही परीक्षा संबंधी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
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