Human Live Media

HomeStateBiharबीस सूत्री समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, लापरवाह विभागों पर सख्ती के संकेत

बीस सूत्री समिति की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, लापरवाह विभागों पर सख्ती के संकेत

कोचस (रोहतास)। प्रखंड मुख्यालय के सभागार में बुधवार को बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी
IMG-20250730-WA0001

कोचस (रोहतास)। प्रखंड मुख्यालय के सभागार में बुधवार को बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष हरिहर सिंह ने की । बैठक में विभिन्न विभागों की लंबित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई, साथ ही कार्य में सुस्ती बरतने वाले पदाधिकारियों को चेताया गया।

Table of Contents

    बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कई विकास योजनाएं अब तक अधूरी हैं, जिससे आम जनता को सीधा नुकसान हो रहा है। विशेष रूप से आवास योजना, मनरेगा, शौचालय निर्माण, बिजली कनेक्शन और सिंचाई परियोजनाओं में देरी की शिकायतें सामने आईं। प्रखंड प्रमुख ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं को जल्द पूरा कर लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाएं।

     

    समीक्षा में उठे ये प्रमुख मुद्दे:

    आवास योजना के अंतर्गत कई लाभुक अब तक वंचित

    किसानों को सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन देने में देरी

    मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों की धीमी गति

    जल नलकूप, शौचालय, एवं स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति पर असंतोष

    पंचायतवार योजनाओं के चयन में पारदर्शिता की जरूरत

    प्रखंड प्रमुख ने कहा कि विकास योजनाओं की धीमी प्रगति न केवल प्रशासनिक अक्षमता दर्शाती है बल्कि आम जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाती है। उन्होंने संबंधित विभागों को एक तय समयसीमा में सुधार करने के निर्देश दिए।

    बैठक में कई पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

    बैठक में अंचलाधिकारी विनीत व्यास, झारखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सुरभि राज, मोहम्मद सलीम (प्रखंड सामान्य शाखा), मंडल अध्यक्ष कोचस पश्चिम संतोष कुमार तिवारी, कोचस पूर्वी के मंडल अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, नगर अध्यक्ष गोविंद गुप्ता, प्रखंड जदयू अध्यक्ष हरिहर सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि धनंजय शर्मा, विभा पटेल, राजेंद्र तिवारी सहित कई प्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंचायत स्तर से प्राप्त योजनाओं की प्राथमिकता तय करने पर भी चर्चा हुई। निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायतों की वास्तविक ज़रूरतों के अनुरूप योजनाओं का चयन हो और जल्द स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी .

    Loading

    No Comments