Last updated: August 1st, 2025 at 05:37 pm

कोचस (रोहतास)। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में रोहतास जिले के पंडितपुरा गांव का नाम एक बार फिर गौरव से जुड़ गया है। गांव के होनहार शोधार्थी आलोक चौधरी को स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्लियाना स्थित ल्युब्लियाना विश्वविद्यालय की एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह संगोष्ठी 13 और 14 नवम्बर, 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसका विषय है — इतिहास, पुरातत्त्व और प्राकृतिक विज्ञान के बीच सेतु निर्माण।
इस सम्मेलन में दुनिया भर से डॉक्टरेट और शोध उपरांत स्तर के विद्वान भाग लेंगे। आयोजन समिति द्वारा भेजे गए स्वीकृति पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आलोक चौधरी के शोध का सार कठोर पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद चयनित किया गया है और अब यह संगोष्ठी के कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। आयोजन मंडल ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से विश्वविद्यालय में आमंत्रित करते हुए स्वागत की प्रतीक्षा जताई है।
आलोक इस समय महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी में पीएचडी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी स्नातक एवं परास्नातक की पढ़ाई काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी के सामाजिक विज्ञान संकाय से की है। अध्ययन के दौरान वे कई राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाओं एवं शैक्षणिक परियोजनाओं से जुड़े रहे, जिससे उन्हें समाज और संस्कृति की गहरी समझ मिली।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से आलोक को न केवल भारत के इतिहास, पुरातत्त्व और सामाजिक संरचना से जुड़ी भारतीय दृष्टि को वैश्विक पटल पर रखने का अवसर मिलेगा, बल्कि यह उपलब्धि रोहतास जिले और पूरे कोचस क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बन गई है। उनके चयन की खबर मिलते ही पंडितपुरा गांव में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया है।
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