Last updated: August 5th, 2025 at 06:58 pm

Rohtas/Kochas: बिहार में दूसरा नीतीश कुमार नहीं होगा पैदा प्रदेशवासी सौभाग्यशाली हैं जहां एक ऐसा मुख्यमंत्री मिला है। उक्त बातें करगहर प्रखंड क्षेत्र के सिरिसियां स्थित इटवाडीह मैदान में आयोजित जनसंवाद में बोलते हुए बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने कही । उन्होंने ग्राम संपर्क योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा कार्यारभ्भ एवं शिलान्यास पर जनसंवाद करते हुए आवंटित 301 करोड़ रुपए की 27 स्वीकृत पथों का रिमोट से उद्घाटन किया।जनसंवाद में उन्होंने कहा कि जब 2005 में मुख्यमंत्री ने बागडोर संभाली उसे समय जातीय उन्माद,नक्सली आंतक और जंगल राज से प्रदेश की जनता त्राहिमाम कर रही थी। ऐसी हालत से निकाल कर सुशासन की सफर पूरा करने वाले नीतीश कुमार इतिहास के वैसे विश्वकर्मा हैं। जिन्होंने बिहार की पटकथा स्वयं लिखी है । मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिखा गया विकास का इतिहास चारों ओर दिखाई दे रहा है। गांव को जोड़ने वाली चकाचक सड़कें, बिजली की सुदृढ़ व्यवस्था ,सभी वर्गों के छात्रों को पोशाक,साइकिल और मेधावी छात्रों को 15 से 50 हजार रुपए का पुरस्कार देकर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति पैदा किया है । उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आंगनबाड़ी सेविकाओं रसोईया सहित विभिन्न कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की विस्तृत चर्चा की। इस बीच मंच से नीचे सैकड़ो की संख्या में खड़े लोगों ने मंत्री की जगह पूर्व विधायक वशिष्ठ सिंह जिंदाबाद के नारे लगाने लगे । काफी देर तक हुई नारे बाजी के बाद मंत्री ने मंच से यह घोषणा किया कि यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं है बल्कि सरकारी कार्यक्रम है नारे बाजी बंद करिए । सरकारी कार्यक्रम में किसी पूर्व विधायक के पक्ष में नारे बाजी करना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है ।
संवाद कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित कांग्रेस के विधायक संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि जब मैं कांग्रेस का जिला अध्यक्ष था तब मंत्री जी प्रदेश के अध्यक्ष थे। मुझे इस बात का दुख है कि स्थानीय विधायक होने के बाद भी निर्धारित सरकारी कार्यक्रम की सूचना मुझे विगत 3 अगस्त को दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 80 पुरानी सड़कों का शिलान्यास किया था । जिसकी अनुशंसा मेरे द्वारा किया गया था । उन्होंने बताया कि 111 किलोमीटर नई सड़कों की स्वीकृति के लिए अनुशंसा किया है। जब उन्होंने कांग्रेस की उपलब्धियां की चर्चा शुरू की सैकड़ो की संख्या में पूर्व विधायक जिंदाबाद के नारे की गूंज में विधायक की आवाजें घूम हो गई । सरकारी जन संवाद कार्यक्रम में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होना देख उपस्थित लोग अचंभित थे कि यह किसी पार्टी का कार्यक्रम है या सरकारी । जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
![]()
No Comments