Last updated: August 22nd, 2025 at 04:46 pm

कोचस (रोहतास)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर चलाया जा रहा अभियान अब कोचस प्रखंड में जोर पकड़ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार की रात नरवर पंचायत के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नाइट ब्लड सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान घर-घर जाकर ग्रामीणों से लगभग 90 खून के सैंपल एकत्रित किए गए, जिन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल, रोहतास भेजा गया है।
इस अभियान में ग्रामीणों का सहयोग सराहनीय रहा। लोगों ने स्वास्थ्यकर्मियों को पूरा समर्थन दिया और इस प्रयास की खुले दिल से सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की स्वास्थ्य पहल गांवों में बेहद जरूरी है, जिससे गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाकर इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि फाइलेरिया की पहचान के लिए खून का सैंपल केवल रात में ही लिया जाता है। उन्होंने समझाया कि यह बीमारी मच्छरों के जरिए फैलती है और इसे फैलाने वाले परजीवी रात के समय खून में अधिक सक्रिय होते हैं। इसी कारण यह सर्वे रात्रि में किया गया, ताकि सटीक जांच हो सके।
डॉ. तुषार ने बताया कि भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट आने में लगभग 45 दिन का समय लगेगा। रिपोर्ट में जिन व्यक्तियों में फाइलेरिया संक्रमण की पुष्टि होगी, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क दवा एवं विशेष किट उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी मरीज को इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े और उसे घर पर ही समुचित इलाज मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन समय रहते इलाज योग्य बीमारी है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि लोग जागरूक बनें और समय पर जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को न केवल जांच की सुविधा दे रहा है, बल्कि जागरूकता अभियान के जरिए रोग के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की भी जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीणों ने भी इस अभियान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की यह पहल गरीबों और ग्रामीण इलाकों के लिए बहुत राहत देने वाली है। इससे न केवल बीमारी का समय पर पता चलता है, बल्कि मुफ्त इलाज और दवा मिलने से आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जानकारी दी कि आने वाले दिनों में नरवर पंचायत के शेष वार्डों में भी इसी तरह नाइट ब्लड सर्वे किया जाएगा। इसके बाद पंचायत और प्रखंड स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फाइलेरिया के संक्रमण को जड़ से समाप्त करना है, ताकि क्षेत्र के लोग स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी योजना जनहित में है और सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं।
यह अभियान न केवल कोचस प्रखंड बल्कि पूरे रोहतास जिले के लिए एक सकारात्मक कदम है, जो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
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