
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में एक चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई। कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक सतबीर गुर्जर ने जनता दरबार के दौरान अचानक घोषणा कर दी कि उन्होंने ज़हर खाकर दरबार में प्रवेश किया है, जिससे वहां मौजूद प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
सतबीर की हालत बिगड़ते ही दरबार में मौजूद मेडिकल टीम ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है, और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब सतबीर गुर्जर ने आरोप लगाया कि गाज़ियाबाद से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर क्षेत्र में अवैध रूप से “नंदू टैक्स” वसूलते हैं। सतबीर के मुताबिक यह करोड़ों रुपये की अवैध वसूली रोजाना होती है, जिससे कारोबारी, व्यापारी और आम लोग त्रस्त हैं लेकिन कोई बोलने की हिम्मत नहीं करता।
पूर्व फौजी का दावा है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायतें कीं, लेकिन उन्हें कोई सुनवाई नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सिस्टम से निराश होकर ही उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया, ताकि उनकी बात सुनी जाए।
इस घटना ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी कड़ी सुरक्षा जांच के बावजूद ज़हर खाकर कोई व्यक्ति परिसर में कैसे दाखिल हो गया, यह अब एक बड़ी प्रशासनिक चूक के तौर पर देखा जा रहा है।
घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार की जवाबदेही, भ्रष्टाचार, और पूर्व सैनिकों की उपेक्षा से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना सकता है।
वहीं भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर लगे आरोपों ने पार्टी नेतृत्व के लिए भी सुनियोजित जवाब देने की चुनौती खड़ी कर दी है।
भाजपा नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर जांच की संभावनाओं को लेकर मंथन शुरू हो चुका है।
प्रशासन ने इस मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को भेज दी है, और पुलिस स्तर पर जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जैसे ही सतबीर गुर्जर की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा, उनका विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा, ताकि उनके लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खंडन किया जा सके।
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