Last updated: August 28th, 2025 at 04:22 am

सासाराम, 26 अगस्त:
अपनी लंबित मांगों को लेकर बिहार गृहरक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवानों ने सोमवार को सासाराम में जिला समाहरणालय के सामने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों होमगार्ड जवान शामिल हुए। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थायी सेवा, समान मानदेय और पेंशन जैसी सुविधाओं की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सूचित कुमार पांडे ने किया। धरना स्थल पर मौजूद जवानों का कहना था कि वे बिहार पुलिस और बीएमपी के जवानों की तरह ही ड्यूटी करते हैं, लेकिन वेतन और सुविधाओं के मामले में उनके साथ असमानता बरती जा रही है।
होमगार्ड जवानों ने कहा कि वे रोज़ कठिन परिस्थितियों में तैनात रहते हैं, चाहे वह चुनाव ड्यूटी हो, वीआईपी सुरक्षा हो या कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी। इसके बावजूद उन्हें मात्र न्यूनतम मानदेय पर संतोष करना पड़ता है।
एक प्रदर्शनकारी जवान ने कहा,
“हमसे पूरी पुलिस जैसी ड्यूटी ली जाती है, लेकिन हमारी तनख्वाह इतनी कम है कि परिवार का गुजारा भी मुश्किल हो गया है।”
जवानों ने बताया कि उन्हें महीनों तक वेतन नहीं मिलता, और जब मिलता है तो वह स्थायी कर्मचारियों से काफी कम होता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमें नियमित सेवा का दर्जा देती है तो हमें भी सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
धरना में शामिल कई जवानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से पहले और बाद में कई बार आश्वासन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
“हमारे साथ धोखा हो रहा है। नेता मंचों से बोलते हैं कि होमगार्डों की स्थिति सुधारी जाएगी, लेकिन न वेतन बढ़ा, न पेंशन की बात आगे बढ़ी,” — एक महिला होमगार्ड जवान ने कहा।
होमगार्डों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को राज्यव्यापी रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए।
धरना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे ताकि शांति बनी रहे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा।
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