Last updated: September 3rd, 2025 at 03:58 am

सासाराम/संवाददाता : रोहतास जिले की डॉ. हेमा कुमारी ने शैक्षणिक जगत में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया में उन्हें पटना विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए चुना गया है। यह सफलता उनके वर्षों की मेहनत, समर्पण और ज्ञानार्जन के प्रति गहरी लगन का परिणाम है।
डॉ. हेमा कुमारी अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पति अशोक कुमार को देती हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका सकारात्मक सहयोग किया। मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहियां की रहने वाली डॉ. हेमा, रोहतास जिले के सासाराम निवासी वरीय अधिवक्ता रहे स्वर्गीय अमिरचंद राम की बहू हैं। वर्तमान में वे बिहार शिक्षा सेवा प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, शेरघाटी में प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं।
उनके असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयन की खबर मिलते ही परिवार और समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई। युवतियों, शिक्षकों और समाजसेवियों ने डॉ. हेमा को बधाइयाँ दीं। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से क्षेत्र की बेटियों को प्रेरणा मिलेगी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा।
डॉ. हेमा का कहना है कि उन्होंने कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनका मानना है कि शिक्षा केवल करियर का साधन नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें।
डॉ. हेमा कुमारी की इस सफलता ने न केवल परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि रोहतास और भोजपुर दोनों जिलों को गौरवान्वित किया है। उनके चयन से अकादमिक जगत में भी उत्साह का माहौल है।
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