Last updated: September 5th, 2025 at 02:12 am

सासाराम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर गुरुवार को रोहतास जिले में एनडीए कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। सुबह से ही भाजपा और सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बिहार बंद के आह्वान का जिले में व्यापक असर दिखा। सासाराम शहर के पोस्ट ऑफिस चौक पर हजारों की संख्या में एनडीए कार्यकर्ता जुटे और विरोध जताया।
इस दौरान भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद, ललन पासवान, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष पटेल सहित अन्य नेताओं ने मोर्चा संभाला। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राजनीति में असहमति और आलोचना हो सकती है, लेकिन किसी की मां के खिलाफ अमर्यादित शब्द कहना भारतीय संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है।
भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष पटेल ने कहा कि राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो बिहार की जनता उन्हें राजनीति से बाहर कर देगी। पटेल ने कहा कि यह सिर्फ प्रधानमंत्री की मां का सवाल नहीं, बल्कि हर उस मां का अपमान है जिसे देशवासी पूजते हैं।
पोस्ट ऑफिस चौक पर हुए इस प्रदर्शन का असर पूरे शहर पर पड़ा। फजलगंज, एसपी जैन कॉलेज रोड और मुख्य बाजार तक का यातायात घंटों ठप रहा। कई स्कूली बच्चे और कर्मचारी जाम में फंसे रहे। लंबी दूरी की बसों और मालवाहक वाहनों की कतारें लग गईं। लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मां-बाप का सम्मान हर समाज की जड़ों में बसा है। जो लोग राजनीति की लड़ाई में परिवार और माताओं का अपमान करते हैं, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी। नाराज लोगों ने कहा कि बिहार की धरती पर ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने साफ कहा कि “जो लोग मां का अपमान करेंगे, उन्हें बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ देशव्यापी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता जनता के मुद्दों पर बोलने के बजाय अनावश्यक और असंवेदनशील बयानबाजी कर रहे हैं। ललन पासवान ने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृत्व के सम्मान की रक्षा का आंदोलन है।
गुरुवार का पूरा दिन सासाराम शहर जाम की मार झेलता रहा। दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध को समर्थन दिया। यात्री परेशान होकर पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचे। हालांकि दोपहर बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्यकर्ताओं से बातचीत कर जाम को समाप्त कराया, तब जाकर स्थिति सामान्य हुई।
एनडीए कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन यह संदेश देने में सफल रहा कि जनता अपने नेता की मां के खिलाफ अपमानजनक भाषा को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। लोगों ने कहा कि चाहे सत्ता किसी की भी हो, मां-बाप के सम्मान पर आंच बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार बंद के जरिए एनडीए ने स्पष्ट कर दिया कि अगर माफी नहीं मिली, तो आने वाले चुनावों में जनता विरोधियों को सबक सिखाएगी।
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