Human Live Media

HomeStateBiharग्रामीण चिकित्सकों के हक़ में डॉ. आलोक कुमार तिवारी का मजबूत प्रयास

ग्रामीण चिकित्सकों के हक़ में डॉ. आलोक कुमार तिवारी का मजबूत प्रयास

  Sasaram: नई बात सही तरीके से रखने पर ही कार्य होता है – डॉ. तिवारी अपनी बात सही तरीके
IMG-20250905-WA0003

 

Table of Contents

    Sasaram: नई बात सही तरीके से रखने पर ही कार्य होता है – डॉ. तिवारी

    अपनी बात सही तरीके से और सही मंच पर रखने पर ही काम होता है। – यह कहना है आर्श हेल्थ इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन सह अध्यक्ष एवं ग्रामीण चिकित्सक मंच (बिहार एवं उत्तर प्रदेश) के वरिष्ठ अध्यक्ष सह संरक्षक, डॉ. आलोक कुमार तिवारी का।

     

    डॉ. तिवारी ने यह बात सासाराम में आयोजित लेट्स इंस्पायर बिहार कार्यक्रम के जनक और बिहार सरकार के वरिष्ठ ई.पी.एस. अधिकारी विकास वैभव से विशेष बातचीत के दौरान कही।

    ग्रामीण चिकित्सकों के लिए डॉ. तिवारी की पहल

    डॉ. आलोक तिवारी लंबे समय से ग्रामीण चिकित्सकों के लिए तन-मन-धन से कार्य कर रहे हैं।

    लेट्स इंस्पायर कार्यक्रम के संयोजक और बिहार सरकार के माननीय आईजी विकास वैभव की उपस्थिति में उन्होंने ग्रामीण चिकित्सकों के जॉइनिंग और संवर्धन का मुद्दा मजबूती से रखा।

    उन्होंने कहा कि –

    “बिहार जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं में पूरे देश में प्रथम स्थान पर होगा। संस्था के प्रयासों से उम्मीद है कि जल्द ही ग्रामीण चिकित्सकों को सरकार के द्वारा ‘स्वास्थ्य मित्र’ के रूप में मान्यता और जॉइनिंग मिलेगी।”

    लेट्स इंस्पायर और स्टार्टअप बिहार से उम्मीदें

    डॉ. तिवारी ने बताया कि स्टार्टअप बिहार और लेट्स इंस्पायर बिहार के तहत सरकार तक ग्रामीण चिकित्सकों की मांगों को लगातार पहुँचाया जा रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि इस मुहिम में बड़े अधिकारी, उद्योगपति, व्यवसायी और हॉस्पिटल डायरेक्टर जैसे समाज के प्रबुद्ध वर्ग भी जुड़े हैं, जिन्हें यह आग्रह किया गया है कि वे सरकार तक ग्रामीण चिकित्सकों की बात पहुँचाएँ।

    सम्मान और आश्वासन

    इस विशेष अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों के साथ डॉ. आलोक तिवारी ने माननीय विकास वैभव को सम्मानित किया।

    वहीं, विकास वैभव जी ने भी आश्वासन दिया कि –

    “ग्रामीण चिकित्सकों के हित में हर संभव और सार्थक प्रयास किया जाएगा।”

    डॉ. आलोक तिवारी की यह पहल न सिर्फ ग्रामीण चिकित्सकों की आवाज़ को सरकार तक पहुँचा रही है, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास भी है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहे जाने वाले इन चिकित्सकों को यदि “स्वास्थ्य मित्र” के रूप में मान्यता मिलती है, तो निश्चित ही बिहार स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरे देश में मिसाल बन सकता है।

     

    Loading

    No Comments